जागरण संवाददाता, सोनभद्र : सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय राबट्र्सगंज नगर में ही है। जिला मुख्यालय पर कार्यालय होने के कारण यहां के कर्मी ड्यूटी के पक्के हैं। कभी-कभार काम की अधिकता के कारण देरशाम को घर जाते हैं तो सुबह आने में देर हो जाती है। यह खुलासा तब हुआ जब बुधवार को दैनिक जागरण की टीम करने के लिए सुबह दस बजे सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय पहुंची। टीम ने यहां कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर देखने के साथ ही मौजूदगी भी देखी। यहां तैनात नौ कर्मचारियों में सभी उपस्थित मिले और काम में व्यस्त रहे।
राबट्र्सगंज के मुख्य बाजार से सटे दरोगाजी की गली में स्थित कार्यालय में जब टीम पहुंची तो वहां बाहर वाले कमरे में यूनिफार्म वितरण, किताब वितरण के समन्वयक व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं पास की कुर्सी पर बैठी बालिका शिक्षा की समन्वयक उपस्थिति रजिस्टर हाथ में लिये उपस्थिति बना रहीं थी। जब जागरण टीम के कैमरे का फ्लैश चमका तो थोड़ी देर के लिए कार्यालय के कर्मी घबड़ा गए। उधर, कंप्यूटर कक्ष में मौजूद कर्मी अपनी-अपनी कुर्सी पर भी मौजूद नहर आये। इसी कक्ष में एमडीएम की भी व्यवस्था संचालित की जाती है। वहां एमडीएम से जुड़े समन्वक व एक अन्य कर्मी भी मौजूद मिले। टीम जब बाहर निकली तो ठीक सामने वाला कक्ष साक्षरत भारत मिशन का था। उसमें दो जिला समन्वयक मौजूद मिले। 1प्रमुख सचिव के साथ गये थे बीएसए: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कमरे की तरफ जब टीम ने रुख किया तो पता चला कि बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल प्रमुख सचिव के साथ क्षेत्रीय भ्रमण पर गये हैं। बताया गया कि यहां बीएसए दूसरी पाली में बैठते हैं। पहली पाली में उरमौरा स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्या सुनते हैं।
अधिकारियों की यहां दिखती है हनक : सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में टाइम टू टाइम उपस्थिति के बारे में बताया जाता है कि यहां पूर्व में एक बार जिले के किसी आला अधिकारी ने निरीक्षण किया था। उस निरीक्षण में कई लोग अनुपस्थित पाये गये थे। तब से यहां के लोग राइट टाइम हो गये हैं। यहां के लोग ड्यूटी समय में काम करते हैं।1 हां इतना जरूर है कि जरूरी काम पड़ने पर थोड़ी देर के लिए बाजार में चले जाते हैं। बाजार से सटा होने के कारण इनका काम भी हो जाता है और बहुत अधिक समय भी नहीं लगता।
राबट्र्सगंज के मुख्य बाजार से सटे दरोगाजी की गली में स्थित कार्यालय में जब टीम पहुंची तो वहां बाहर वाले कमरे में यूनिफार्म वितरण, किताब वितरण के समन्वयक व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं पास की कुर्सी पर बैठी बालिका शिक्षा की समन्वयक उपस्थिति रजिस्टर हाथ में लिये उपस्थिति बना रहीं थी। जब जागरण टीम के कैमरे का फ्लैश चमका तो थोड़ी देर के लिए कार्यालय के कर्मी घबड़ा गए। उधर, कंप्यूटर कक्ष में मौजूद कर्मी अपनी-अपनी कुर्सी पर भी मौजूद नहर आये। इसी कक्ष में एमडीएम की भी व्यवस्था संचालित की जाती है। वहां एमडीएम से जुड़े समन्वक व एक अन्य कर्मी भी मौजूद मिले। टीम जब बाहर निकली तो ठीक सामने वाला कक्ष साक्षरत भारत मिशन का था। उसमें दो जिला समन्वयक मौजूद मिले। 1प्रमुख सचिव के साथ गये थे बीएसए: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कमरे की तरफ जब टीम ने रुख किया तो पता चला कि बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल प्रमुख सचिव के साथ क्षेत्रीय भ्रमण पर गये हैं। बताया गया कि यहां बीएसए दूसरी पाली में बैठते हैं। पहली पाली में उरमौरा स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्या सुनते हैं।
अधिकारियों की यहां दिखती है हनक : सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में टाइम टू टाइम उपस्थिति के बारे में बताया जाता है कि यहां पूर्व में एक बार जिले के किसी आला अधिकारी ने निरीक्षण किया था। उस निरीक्षण में कई लोग अनुपस्थित पाये गये थे। तब से यहां के लोग राइट टाइम हो गये हैं। यहां के लोग ड्यूटी समय में काम करते हैं।1 हां इतना जरूर है कि जरूरी काम पड़ने पर थोड़ी देर के लिए बाजार में चले जाते हैं। बाजार से सटा होने के कारण इनका काम भी हो जाता है और बहुत अधिक समय भी नहीं लगता।




















