मुख्यमंत्री जी बताइए.. क्यों नहीं दे रहे एरियर


राज्य ब्यूरो, लखनऊ : सातवां वेतनमान प्रदेश में एक साल देर से लागू हुआ और अब इस एक साल के एरियर भुगतान में भी सरकार के वादे से पीछे हटने पर राज्य कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी स्पष्ट वजह पूछी है। कर्मचारियों का कहना है कि यह उनके ब्याज का सीधा नुकसान है, इसलिए कर्मचारियों को विश्वास में लेकर बताया जाना चाहिए कि ऐसा क्यों किया गया।1राज्य कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से वजह बताने के साथ ही भुगतान की तारीख भी तय करने की मांग की है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी कहते हैं कि सरकार ने कैबिनेट बैठक में दिसंबर के बाद एरियर के भुगतान की बात कही है, लेकिन दिसंबर के बाद यह किस महीने में किया जाएगा, यह साफ नहीं किया। जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुशील कुमार बच्चा कहते हैं कि राज्य कर्मचारियों को तो फिर भी देर-सबेर एरियर मिल जाएगा लेकिन सरकार की वादा खिलाफी ने उन निगमों के कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्हें देर से लागू हुए पिछले वेतनमानों का एरियर आज तक नहीं मिल पाया है। 1प्रदेश के 36 निगमों में से सिर्फ निर्माण निगम, समाज कल्याण निगम, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम और वन निगम के कर्मचारियों को ही सातवां वेतनमान मिल रहा है। चौथा वेतनमान पाने वालों में अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम, वक्फ विकास निगम, निर्यात निगम, हथकरघा निगम, लघु उद्योग निगम, स्पिनिंग निगम, वित्तीय निगम व गन्ना निगम के कर्मचारी शामिल हैं, जबकि मत्स्य व यूपीडीएल में पांचवां वेतनमान दिया जा रहा है।

एरियर का इंतजार1प्रदेश के 36 निगमों में से आठ निगमों को चौथा और दो निगमों को अभी पांचवां वेतनमान ही मिल रहा है। इन निगमों में महीनों वेतन नहीं मिलता, जबकि पेंशन व अन्य भुगतानों के भी लाले पड़े हैं। जल निगम में वेतन व पेंशन का संकट बना हुआ है। कल्याण निगम में भी छठा वेतनमान पा रहे कर्मचारियों को अब तक चौथे, पांचवें व छठे वेतनमान का एरियर नहीं मिला है।


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