जागरण संवाददाता, सोनभद्र : वाराणसी में प्रधानमंत्री के दो दिवसीय दौरे को लेकर जिले का खुफिया तंत्र पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इसकी वजह हैं शिक्षामित्र। जिले में पुलिस विभाग की स्वॉट टीम के साथ ही खुफिया तंत्र से जुड़े अन्य विभाग भी यह पता करने में जुटे हैं कि आखिर शिक्षामित्र कब और कैसे वाराणसी पहुंचेंगे। उन्हें जिले में ही रोकने की पूरी कोशिश है। उधर, शिक्षामित्र बिना बताए वाराणसी जाने की तैयारी में हैं। अब देखना होगा कि शिक्षामित्र वाराणसी तक पहुंचने में सफल होते हैं या खुफिया तंत्र संपूर्ण गतिविधि पता करके उन्हें रोकने में कामयाब होता है। 1उच्चतम न्यायालय के आदेश पर समायोजन निरस्त होने के बाद आंदोलित हुए शिक्षामित्र वाराणसी में प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी समस्या कहना चाहते हैं। इसके साथ ही अपनी नौकरी की बहाली के लिए नया कानून बनाने की मांग करेंगे। सूत्रों की मानें तो इसके लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें ज्ञापन देगा। हर जिले से शिक्षामित्रों की संख्या संगठन के लोग इसलिए जुटा रहे हैं कि वे अपनी ताकत का एहसास करा सकें। 1शिक्षामित्र संगठन से जुड़े लोगों की मानें तो प्रधानमंत्री मोदी जब वाराणसी में सभा को संबोधित करेंगे तो वहां शिक्षामित्रों के हित में ऐलान करने की मांग की जाएगी। इसके लिए भी संख्याबल जुटाया जा रहा है। इसके लिए छोटे-छोटे टुकड़े में बंटकर इनकी रवानगी भी शुरू हो गई है। 1उधर, इसकी भनक लगते ही खुफिया तंत्र भी अलर्ट हो गया है। आईबी, स्थानीय अभिसूचना इकाई यानि एलआइयू की टीम पूरी तरह से लग गई है।
शिक्षामित्र संगठन का दावा, 25 फीसद लोग पहुंच चुके हैं
काशी : शिक्षामित्रों को रोकने के लिए पुलिस की टीम लगा दी गई। जगह-जगह जांच की जा रही है। खुफिया विभाग भी पूरी तरह से सक्रिय है। कहीं से भी सूचना मिलने पर उन्हें रोका जा रहा है। राम प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षकपुलिस की रोक के बावजूद शिक्षामित्र संगठन के लोग यह दावा कर रहे हैं कि उनकी संख्या वहां पर्याप्त रहेगी। संगठन के लोग तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि करीब 25 फीसद संख्या वाराणसी पहुंच भी चुकी है। शिक्षामित्र संगठन से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि पुलिस रोक रही है। खुफिया तंत्र लगा हुआ है। ऐसे में कोई भी शिक्षामित्र इकठ्ठा होकर बस या अन्य साधन से नहीं जायेगा। सभी लोग अलग-अलग वाहन से जाएंगे। इसके अलावा जिनकी वाराणसी में रिश्तेदारियां हैं वे लोग पहले से ही पहुंच चुके हैं।

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