
विधि संवाददाता, इलाहाबाद : राजकीय बालिका विद्यालयों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। कहा गया है कि प्रदेश के सभी राजकीय बालिका विद्यालयों में एक महीने के भीतर वाटर प्यूरीफायर मशीन लगाई जाए। एक महीने में अगर मशीनें स्कूल में न लगाई गईं तो जिलाधिकारी कार्यालय में लगी आरओ मशीन, बालिका विद्यालयों में शिफ्ट कर दी जाएं। कोर्ट ने राज्य सरकार से अनुपालन रिपोर्ट 24 अक्टूबर को तलब की है।1यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन व न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने विनोद कुमार की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट का कहना है कि शुद्ध पानी पीना संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार में शामिल है। कोर्ट ने राजकीय बालिका कालेजों में बिजली कनेक्शन व शौचालय की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है। कई जिलों के जिलाधिकारी ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि बजट न होने के कारण कालेजों में आरओ नहीं लग पा रहे हैं। बजट मिलते ही कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा अपर सचिव ने हलफनामा देकर कोर्ट को बजट आने पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था। 1कोर्ट ने कहा कि विद्यालयों में जो आरओ लगाये जाएं उनकी गुणवत्ता जिलाधिकारी कार्यालय में लगे आरओ के समान हो। कोर्ट ने अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा व संबंधित जिलों के जिलाधिकारी से अनुपालन रिपोर्ट के साथ 24 अक्टूबर को हलफनामा मांगा है।

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