बीजपुर, सोनभद्र : आंदोलन की भेंट चढ़ा नौनिहालों का भविष्य

बीजपुर (सोनभद्र) : बीजपुर के जंतर-मंतर पर शिक्षा मित्रों द्वारा किये जा रहे धरना-प्रदर्शन से परिक्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। विगत दो माह से आये दिन शिक्षा मित्रों द्वारा किये जा रहे आंदोलन से दक्षिणांचल के कई विद्यालयों में पठन-पाठन ठप सा हो जा रहा है। बच्चे भी विद्यालय जाने की जगह गली-मोहल्लों में खेलते नजर आ रहे हैं। बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि जरहा क्षेत्र के दो दर्जन विद्यालय महज एकल अध्यापकों के सहारे संचालित हो रहे हैं। इन दिनों अधिकांश शिक्षा मित्र या तो दिल्ली चले गये हैं या संघ के आह्वान पर विद्यालय नहीं जा रहे हैं। ऐसे में विद्यालयों में ताला लटका हुआ है। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अजय सिंह ने आंदोलन को पूर्णतया सफल करार देते हुए कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक शिक्षामित्र कार्य बहिष्कार पर हैं। दूसरी तरफ जरहां के न्याय पंचायत प्रभारी मोहन मिश्र ने बताया कि शिक्षा मित्रों के हड़ताल के उपरांत भी किसी भी विद्यालय को बंद नहीं होने दिया गया है।1शिक्षामित्र हुए दो फाड़ :सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहत के लिए राज्य सरकार पर निर्भर होने के कारण शिक्षामित्र दो गुटों में विभक्त नजर आ रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रूपये कर दिये जाने के उपरांत असमायोजित शिक्षा मित्र खुश होकर जहां पठन-पाठन कार्य में लिप्त हैं वहीं टेट पास कतिपय समायोजित शिक्षा मित्र भी धीरे-धीरे आंदोलन से किनारा कस रहे हैं।1विभाग भी बना उदासीन : प्राथमिक विद्यालयों में उपजी समस्या के संबंध में शिक्षा विभाग भी मौन है। शासन के निर्णय व शिक्षामित्रों की मांग में फंसे इस पेच से बच्चों को हाल फिलहाल निजात मिलना मुश्किल ही है।

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