सोनभद्र : नियुक्ति के खेल में व्यवस्था ही दिख रही फेल, स्टेनो और लिपिक भी घेरे में

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : शिक्षा विभाग में नियुक्ति को लेकर लगता है जनपद में सभी व्यवस्थाएं फेल हो गईं हैं। तभी तो बेसिक से लेकर माध्यमिक स्कूलों तक में हुईं नियुक्तियों में फर्जीवाड़े का आरोप लगने लगा है। यही नहीं इसे लेकर शिक्षा विभाग भी दो खेमे में बंटा नजर आने लगा है। एक-दूसरे खेमे पर आरोप-प्रत्यारोप की बात तो आम हो गई है। सभी एक दूसरे को नींचा दिखाने में लगे हुए हैं। 1 शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति का मामला जनपद में सपा सरकार के दौरान 16448 शिक्षकों की बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती के दौरान पहली बार खुला था। इसकी शिकायत भर्ती की कतार में खड़े खुद अभ्यर्थियों ने ही की थी। यह मामला जब प्रशासन के संज्ञान में आया तो महीने भर बाद इसकी जांच शुरू हुई। इसी बीच विधानसभा का चुनाव हो गया हालांकि जांच अधिकारी तत्कालीन एडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह लिखा कि नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल आठ ऐसे शिक्षकों का चयन कर लिया गया है जो नियम के विरुद्ध है। 1 इनकी पत्रवलियों की न तो सही जांच हुई है न ही ये लोग पात्र हैं। यही नहीं इनको शिक्षक के पद पर भी गलतढंग से नियुक्त कर तैनाती भी दे दी गई है। इसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ ही वहां तैनात बाबू को भी दोषी माना गया। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा जांच रिपोर्ट को शासन को भेज दिया गया लेकिन बीच में विधानसभा का चुनाव हो जाने के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद आयी योगी सरकार ने जब इस मामले को संज्ञान में लिया तो आरोपी आठों शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया। 1 इसके साथ ही नियुक्ति के समय व नियुक्त इन शिक्षकों के तैनाती के दौरान जिले में रहे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही दोषी बाबू पर भी कार्रवाई की गाज गिरी। साथ ही सभी पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया। यह बात जिले से लेकर राजधानी तक चर्चा में आ गई। इसी बीच माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी हुई नियुक्तियों में खेल का आरोप लगने लगा। 1 यहां तो परिचारक से लेकर शिक्षक तक की नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायत की जा रही है। हालांकि यह जांच का विषय है लेकिन जिस तरह के आरोप लग रहे हैं। उससे गड़बड़ी की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। चाहे वह शिक्षकों की नियुक्ति का आरोप हो या दसवीं तक के विद्यालयों में परिचारक की नियुक्ति का।

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