पीएफ से पूरा होगा घर का सपना

आगरा: कर्मचारी भविष्य निधि खाताधारक अपने सपनों का घर बनाने की सोच रहे हैं, तो अब उनका यह सपना उनके पीएफ खाते के अंश से पूरा होगा। इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय ने आवास योजना की शुरुआत की है।

निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का स्तर सुधारने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन लगातार काम कर रहा है। इस क्षेत्र के असंगठित कर्मचारियों के आवास का सपना पूरा करने के लिए विभाग ने लगभग दो माह पूर्व इस योजना की शुरुआत की है। इसमें पीएफ अंशधारकों को उनके फंड के आधार पर लोन दिया जाएगा, जिसका भुगतान वह अपनी पीएफ की किश्त से हर माह कर सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि उनके ऊपर किश्त का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

यह है प्रक्रिया

ईपीएफओ आयुक्त प्रथम आरके पाल ने बताया कि आवास योजना का लाभ पाने के लिए कर्मचारी के पास तीन साल पुराना ईपीएफ खाता और उसमें कम से कम 20 हजार का फंड जमा होना चाहिए। इसके बाद कर्मचारियों (कम से कम 11 और अधिकतम की सीमा नहीं) की सोसायटी बनाकर उन्हें आवास का संयुक्त प्रोजेक्ट या उसकी संभावित लागत का सर्टिफिकेट विभाग को देना होगा। इसके बाद विभाग उनके खातों में जमा राशि का 90 फीसद तक उनको हाउसिंग एंड अर्बन डेवलवमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) या बैंक के माध्यम से दिला देंगे। योजना का लाभ लेने के लिए सोसायटी बनाना अनिवार्य है। इसकी खास बात यह होगी कि इसमें विभाग सिर्फ फंड प्रोवाइडर की भूमिका में होगा। इसलिए कर्मचारी अपनी मर्जी के बिल्डर या संस्था से आवास बनवा सकते हैं।

मिलेगी सब्सिडी

योजना की हाईलाइट सिर्फ यह ही नहीं है। इसका खासियत यह है कि लोन लेने के बाद उसका भुगतान करने के लिए भी आसान प्रक्रिया रखी गई है। लोन की किश्त के लिए कर्मचारी को अतिरिक्त धन जुटाने की मशक्कत नहीं करनी होगी। लोन की किश्त उसके प्रतिमाह होने वाले पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन से ही कट सकती है। वह चाहे तो सहयोग की राशि को बढ़ा भी सकता है। इस पर कर्मचारी से करीब आठ फीसद की ब्याज ली जाएगी, लेकिन योजना में कर्मचारी को मिलने वाली अधिकतम 2.20 लाख की सब्सिडी से ब्याज राशि किसी को भी भारी नहीं पड़ेगी।

मिलेंगे सारे लाभ

ईपीएफओ के सहायक आयुक्त परिपूर्ण नाथ ने बताया कि इस योजना की खास बात यह है कि इसमें आवास बनवाने वाले कर्मचारियों को योजना के सारे लाभ तो मिलेंगे ही, साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के भी लाभ मिलेंगे। हालांकि साउथ इंडिया में यह सोसायटी सिस्टम काफी लोकप्रिय है। नार्थ इंडिया में भी इस योजना के प्रति लोगों जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विभाग रोजाना विभिन्न जगह जागरूकता कार्यक्रम कर रहा है।

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