सोनभद्र : वरिष्ठ लिपिक पर सरकारी धन के बंदरबाट का आरोप

जासं, सोनभद्र : जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक पर सरकारी धन में बंदरबाट का आरोप लगाया गया है। ¨हयुवा के आलोक चतुर्वेदी ने प्रमुख सचिव माध्यमिक को पत्र लिखकर डीआइओएस कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र कुमार पर ग्रीन स्कूल-क्लीन स्कूल के तहत आये 50 लाख रुपये में भारी पैमाने पर गड़बड़ी की बात कही है। उन्होंने कहा है कि जनपद सृजन वर्ष के पूर्व से ही राजकीय इंटर कालेज अनपरा में इसी क्रम में लिपिक पद पर कार्यरत हैं।1जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर इनका मूल निवास भी हैं। कहा है कि 1994 के पूर्व जब राजकीय इंटर कालेज अनपरा में वह लिपिक के पद पर कार्यरत थे तब उन्होंने तत्कालीन प्रधानाचार्य को भ्रम में रखकर अपने सगे भाई महेंद्र प्रसाद के नाम से परिचारक पद का वेतन बगैर किसी अधिकारी के आदेश के गुप्त रूप से निकालते रहे, जबकि महेंद्र प्रसाद राजकीय इंटर कालेज अनपरा में कभी भी कार्यरत नहीं रहे। सिरसिया ठकुराई खैरपुर के तत्कालीन प्रधानाचार्य की शिकायत पर उपशिक्षा निदेशक पंचम मंडल ने महेंद्र प्रसाद की नियुक्ति को फर्जी पाये जाने पर उसे निरस्त करने का आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिया। आदेश के क्रम में तत्कालीन डीआइओएस ने उनकी नियुक्ति समाप्त कर दी। इसके तीन वर्षों बाद एक बार फिर से उन्हें बहाल कर दिया गया। इसकी जांच होनी चाहिए।


मामला संज्ञान में नहीं 


यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत की प्रति मिलने के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। अगर मामला सही पाया जाता है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। 

-राजशेखर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक। 



सभी आरोप निराधार 


मेरे ऊपर लगाये गए सभी आरोप निराधार हैं। मेरे भाई की नियुक्ति में मेरा कोई सहयोग नहीं था, इसके अलावा मेरा स्थानांतरण होता रहता है। वर्तमान समय में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में हूं। मैं 2015 में चंदौली से स्थानांतरित होकर आया हूं। मेरे ऊपर जो भी आरोप लग रहे हैं वह जानबूझ कर लगाये जा रहे हैं।


-राजेंद्र कुमार, वरिष्ठ लिपिक डीआइओएस कार्यालय।


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