जागरण संवाददाता, सोनभद्र : मनमानी फीस वसूलने वाले स्कूल संचालकों पर प्रदेश सरकार ने कड़ाई करना शुरू कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद जिले में भी अधिकारियों ने सख्ती करनी शुरू कर दी है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीबीएसई बोर्ड से संचालित होने वाले स्कूल के संचालकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ डीएम ने बैठक कर संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिया।
पूर्व निर्धारित एजेंडे के अनुसार शुरू हुई बैठक में सबसे पहले शिक्षा के अधिकार अधिनियम का कड़ाई से पालन करने के मुद्दे पर चर्चा की गई। डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि इस अधिनियम का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। सभी स्कूल के संचालक अपने यहां 25 फीसद गरीब बच्चों का प्रवेश लें। उसके बदले में उन्हें शासन द्वारा निर्धारित सब्सिडी आदि मिलती है। उन्होंने कहा कि इसका पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मनमानी फीस वसूली पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों व अन्य माध्यमों से कई बार शिकायतें मिली हैं। आगे से अगर शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समय रहते अगर सुधार नहीं होता है तो संबंधित स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। स्कूलों में स्टेशनरी की दुकान न चलाने की भी हिदायत दी गई। साथ ही कहा गया कि किसी भी अभिभावक को इस बात को लेकर बाध्य न किया जाय कि वे फला दुकान से ही यूनिफार्म या किताब खरीदें। अगर किसी तरह का मोनोग्राम लगाना है तो आप अभिभावक को दे सकते हैं। उसे जहां से पसंद आएगा वहां से यूनिफार्म खरीदकर उस पर चस्पा करा लेगा। अभिभावकों का शोषण कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्कूलों की बस संचालन में भी सतर्कता बरती जाय। हर स्कूल में अग्निशमन की व्यवस्था होनी चाहिए। री-एडमिशन व काउंटर साइन आदि के नाम पर किसी तरह की वसूली नहीं की जानी चाहिए। डीआइओएस व बीएसए को उन्होंने नजर रखने के लिए कहा। बैठक में पुलिस अधीक्षक लल्लन ¨सह, डीआइओएस प्रभुराम चौहान, बीएसए अमरनाथ ¨सह, एआरटीओ व अन्य लोग मौजूद थे।