सीबीएसई व आईसीएससी बोर्ड के द्वारा संचालित विद्यालयों को अभिभावकों का शोषण न करने देने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश

सोनभद्र। जिले में स्थापित सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड द्वारा संचालित स्कूलों/कालेजों के प्रधानाचार्य व प्रबन्धक उनके स्कूलोें में पढ़ने वाले बच्चों तथा बच्चों के अभिभावकों का कदापि ही शोषण न करें। मनमाने तरीके से अपने स्कूलों की किताबों व ड्रेसों को न बदलवायें और मानक के अनुरूप ही मुनासिब फीस जमा कराने के साथ ही री-एडमिशन के नाम पर नागरिकों का शोषण न होने पाये।उक्त बातें जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बृहस्पतिवार को जिले में स्थापित सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों के प्रधानाचार्यों/प्रबन्धकों के साथ समीक्षा बैठक में कहीं। जिलाधिकारी ने सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के प्रधानाचार्यों को दायित्वबोध कराते हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम की जानकारी विस्तार से जानकारी दी और कहा कि सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के स्कूल भी कमजोर व गरीब तथा असहाय यानी सरकार द्वारा निर्धारित किये गये श्रेणी के बच्चों का अपने स्कूल के लिए निर्धारित सीट के 25 प्रतिशत की संख्या तक प्रवेश लेने के लिए बाध्य हैं, जिसका खर्च सम्बन्धित स्कूल के रिपोर्ट पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/जिला विद्यालय निरीक्षक के संयोजकता में सरकार द्वारा सम्बन्धित स्कूल को भुगतान किया जायेगा। 

जिलाधिकारी ने कहा कि जिलें में स्थापित सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में बार-बार किताबों को बदलने, ड्रेस बदलने, री-एडमिशन के नाम पर दोबारा फीस लेेने, अभिभावकों के साथ स्कूल प्रबन्धन की मीटिंग कराये बिना फीस बढ़ाने आदि की शिकायतें प्राप्त हो रही हैें, लिहाजा सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों के संचालक एनसीआरटी की अधिकृत किताबें ही स्कूलों में चलाये और री-एडमिशन फीस के माध्यम से अभिभावकों का आर्थिक शोषण न करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अभिभावकों व स्कूल प्रबन्धन की संयुक्त बैठक कराने के बाद ही स्कूल की फीस सहमति के आधार पर नियमानुसार बढ़ाई जाय अन्यथा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाये जाने पर सम्बन्धित स्कूलों के प्रबन्ध संचालकों की खैर नहीं होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा देना एक महान व पुनीत कार्य है, लिहाजा स्कूलों के संचालक बच्चों को स्कूल आने-जाने वाले वाहनों का फिटनेस कराने के साथ ही कुशल वाहन चालक की भी व्यवस्था सुनिश्चित करायेें और अपने स्कूलों में फायर निरोधक किट/फायर सिलेण्डर की भी मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में लम्बी दूरी के लिए बच्चों के परिवहन/आने-जाने के लिए तीन पहिया टैम्पू का इस्तेमाल न करें। बच्चों में सामाजिक समरसता के साथ ही दैवीय आपदा व आग आदि से बचाव की जानकारी प्रार्थना के बाद तार्किक तरीके से देते हुए जागरूक करें।जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय व पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों के संचालकों को दायित्वबोध कराते हुए कहा कि बच्चों व अभिभावकों का शोषण न होने पाये अन्यथा मनमानी पाये जाने पर सम्बन्धित स्कूल संचालकों के खिलाफ सुसंगत नियमों के तहत कठोर कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा देना जहाॅ काफी परोपकारी व बेहतर कार्य है, वहीं शिक्षा देने के आड़ में मनमानापन नहीं चलनी पायेगी, लिहाजा सभी नियमों व कायदों का अक्षरशः अध्ययन करते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ स्कूलों का संचालन किया जाय, अनावश्यक रूप से आर्थिक दोहन व शोषण न किया जाय। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत वर्तमान में नामांकन की स्थिति, स्कूलों के लिए छात्रों को स्कूल लाने व स्कूल से  घर वापस जाने के लिए वाहन की स्थिति, छात्र-छात्राओं के ड्रेस, छात्र-छात्राओं से ली जाने वाली फीस, किताब, कापी की खरीददारी, विद्यालयों में आपदा प्रबन्धन व अग्निशमन की स्थिति, विद्यालयों में पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था, विद्यालय में शौचालय की स्थिति आदि की गहनता से समीक्षा की। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दायित्वबोध कराते हुए कहा कि साॅठ-गाॅठ करके ड्रेसों व किताबों  आदि के लिए एकाधिकार की दुकानों के चिन्हांकन का कार्य बन्द किया जाय और जिन दुकानों से ड्रेस, किताब व कापी आदि की खरीददारी हो, उन दुकानदारों को भी मंहगे दामों पर बेचे जाने वाले ड्रेसों, किताब, कापियों आदि की पक्की रसीदें भी मुहैया करायी जाय।उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से प्रोजेक्ट बनाने के नाम पर स्कूली बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों को परेशान न किया जाय। मानक के अनुरूप उत्कृष्ट कार्यों को ही प्रोजेक्ट आदि के रूप में शामिल किया जाय और कोशिश हो कि स्कूली बच्चों के अभिभावकों का आर्थिक शोषण न हो।बैठक मेें जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय व पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह के अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक प्रभुराम चौहान, बीएसए ए0एन0 सिंह, एआरटीओ एस0पी0 सिंह, अग्निशमन अधिकारी सुरेश चन्द्र ने स्कूलों में बच्चों की शिक्षा व उनके बचाव तथा सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौेके पर सोनभद्र जिले में स्थापित सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के प्रधानाचार्य/प्रबन्ध संचालकगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहें।