जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र) : निजी शिक्षण संस्थानों में फीस वृद्धि के मामले में सोमवार देररात तक अनपरा थाने में चली पंचायत के बाद मामले का तत्कालिक पटाक्षेप अवश्य हो गया है। अब शासन की जिम्मेदारी है कि बच्चों के भविष्य से जुड़े मामले पर टाल-मटोल की जगह ठोस पहल करते हुए निर्णय लिया जाय। निजी शिक्षण संस्थानों में की गयी फीस वृद्धि के विरुद्ध सत्र के प्रारंभ से ही अभिभावक आंदोलित थे। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के समक्ष अभिभावकों द्वारा धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। अभिभावकों द्वारा जिलाधिकारी से भी शिकायत की गयी थी। इससे नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ हुए एक माह व्यतीत हो जाने के बाद भी विद्यालयों में सुचारु पठन-पाठन प्रारंभ नहीं हो पाया था। सोमवार की देररात तक अनपरा थाने में प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र राय की अध्यक्षता में अभिभावकों व विद्यालय प्रबंधन के मध्य वार्ता हुई। इस दौरान तय हुआ कि जब तक कोई शासनादेश निर्गत नहीं होता पुराने सत्र के आधार पर ही शुल्क लिया जाएगा। इससे मामले का तत्कालिक तौर पर पटाक्षेप हो गया है। अब गेंद शासन के पाले में है। लोगों का कहना है कि देश के भविष्य बच्चों से जुड़े मामले में टाल-मटोल की जगह शासन को तत्काल गाइड लाइन का निर्धारण कर देना चाहिए। ऐसा न हो कि अनावश्यक विलंब के कारण सत्र के मध्य में शुल्क को लेकर विवाद उत्पन्न हो। ऐसा होने की स्थिति में बच्चों का पठन-पाठन गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
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