अनपरा, सोनभद्र : स्कूल संचालन से संबंधित गोपनीय सूचना साझा करने का फरमान और ऐसा न करने पर 50 हजार रुपये जुर्माना

गोपनीय सूचनाएं साझा करने का फरमान

जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र) : स्कूल संचालन से संबंधित गोपनीय सूचना साझा करने और ऐसा न करने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने संबंधी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परिपत्र का निजी विद्यालयों के संगठनों ने व्यापक विरोध जताया है। 1स्कूलों के संगठन नेशनल इंडीपेंडेंट स्कूल एलायंस (निसा) ने सीबीएसई के परिपत्र को आड़े हाथों लेते हुए इसे छोटे बजट के विद्यालयों का उत्पीड़न का प्रयास करार दिया है। 1संगठन ने सीबीएसई से इस परिपत्र को वापस लेने की मांग करते हुए ऐसा न होने पर न्यायालय में जाने की चेतावनी भी दी है। निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने रोष जताते हुए कहा कि सीबीएसई की स्थापना का मूल उद्देश्य परीक्षा लेना व प्रमाण पत्र जारी करना है, लेकिन इससे इतर बोर्ड स्कूलों के दिन-प्रतिदिन के संचालन में हस्तक्षेप कर रहा है। कभी प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के नाम पर तो कभी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। विद्यालय संचालन के नियम अनुशासन से बंधे है। 1इन्हें साझा करने से निश्चित ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की राह में अवरोध उत्पन्न होगा। विद्यालय संचालन से संबंधित गोपनीय सूचनाओं को साझा करने संबंधी प्रयास कतई न्यायोचित नहीं है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। बजट प्राइवेट स्कूलों ने इस परिपत्र को गैरकानूनी बताया है।जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र) : स्कूल संचालन से संबंधित गोपनीय सूचना साझा करने और ऐसा न करने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने संबंधी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परिपत्र का निजी विद्यालयों के संगठनों ने व्यापक विरोध जताया है। 1स्कूलों के संगठन नेशनल इंडीपेंडेंट स्कूल एलायंस (निसा) ने सीबीएसई के परिपत्र को आड़े हाथों लेते हुए इसे छोटे बजट के विद्यालयों का उत्पीड़न का प्रयास करार दिया है। 1संगठन ने सीबीएसई से इस परिपत्र को वापस लेने की मांग करते हुए ऐसा न होने पर न्यायालय में जाने की चेतावनी भी दी है। निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने रोष जताते हुए कहा कि सीबीएसई की स्थापना का मूल उद्देश्य परीक्षा लेना व प्रमाण पत्र जारी करना है, लेकिन इससे इतर बोर्ड स्कूलों के दिन-प्रतिदिन के संचालन में हस्तक्षेप कर रहा है। कभी प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के नाम पर तो कभी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। विद्यालय संचालन के नियम अनुशासन से बंधे है। 1इन्हें साझा करने से निश्चित ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की राह में अवरोध उत्पन्न होगा। विद्यालय संचालन से संबंधित गोपनीय सूचनाओं को साझा करने संबंधी प्रयास कतई न्यायोचित नहीं है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। बजट प्राइवेट स्कूलों ने इस परिपत्र को गैरकानूनी बताया है।