सोनभद्र : नकल माफिया के मंसूबे पर सख्ती का हथौड़ा

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल के दम पर पास होने वालों पर इस बार सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। इससे एक तो नकलचियों की मंशा पर पानी फिर रहा है तो वहीं नकल माफियाओं के मंसूबे पर भी सख्ती का हथौड़ा चल रहा है। यही वजह है कि नकल के दम पर बेहतर रिजल्ट देने वाले स्कूलों के संचालक छटपटा रहे हैं। आलम यह कि नकल की ओर हाथ बढ़ाने वालों पर तगड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में नकलची तो एक भी नहीं पकड़े गए लेकिन नकल कराने की कोशिश करने वाले 12 कक्ष निरीक्षकों को हटाया जा चुका है। 1यूपी बोर्ड के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की छह फरवरी से शुरू हुई परीक्षा में इस बार कुल 57 केंद्र बनाये गए हैं। इसमें 186 स्कूलों के 50,497 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। शासन की सख्ती के कारण पहले ही दिन भारी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। पहले दिन इंटरमीडिएट की हंिदूी विषय में जहां 1887 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी वहीं हाईस्कूल के हंिदूी विषय की परीक्षा में दूसरे दिन 3551 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दिया। वहीं नकल के चक्कर में अब तक 12 कक्ष निरीक्षकों को हटाया जा चुका है। ये सभी कक्ष निरीक्षक उसी विषय की परीक्षा में ड्यूटी करते पकड़े गए थे जिस विषय के अध्यापक हैं। इतना ही नहीं, अति संवेदनशील केंद्र के रूप में चिन्हित हरिश्चंद्र इंटर कालेज गौरासिंगा के केंद्र व्यवस्थापक को भी हटा दिया गया है। यहां अतिरिक्त केंद्र व्यवस्था को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। 1हाईस्कूल में 12.5, इंटर में 9.12 फीसद ने छोड़ी परीक्षा: जिले में इस बार सख्ती के कारण भारी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम के मुताबिक हंिदूी विषय में परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों को ही परीक्षा छोड़ने के आंकड़े में शामिल किया जाता है। क्योंकि दोनों में हंिदूी अनिवार्य विषय के रूप में है। इस साल हाईस्कूल में पंजीकृत 28359 में से 3551 यानी 12.5 फीसद परीक्षार्थी परीक्षा छोड़े हैं। जबकि इंटरमीडिएट में पंजीकृत 20679 में से 1887 यानी 9.12 फीसद अनुपस्थित रहे हैं। वर्ष 2017 में यह आंकड़ा करीब दस और आठ फीसद का रहा है। 1अभी से फूल रही है स्कूल संचालकों की सांस : इस बार परीक्षा में सख्ती देख कई स्कूल संचालकों की सांस फूल रही है। लोगों की मानें तो ज्यादा सुविधा देने का प्रलोभन देकर स्कूल में प्रवेश लेने और जुगाड़ के सहारे नकल से बच्चों से पास कराकर अपने विद्यालय का रिजल्ट बेहतर बनाने वाले स्कूल संचालकों की मंशा पर इस पर पानी फिर रहा है। क्योंकि इस बार जब नकल नहीं हो रही तो इनका रिजल्ट गड़बड़ होगा। फिर क्या अगले शैक्षिक सत्र में इन स्कूलों में बच्चे प्रवेश ही नहीं लेंगे और ऐसे स्कूल संचालकों की कमाई को बट्टा लग जाएगा।1जागरण संवाददाता, सोनभद्र : माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल के दम पर पास होने वालों पर इस बार सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। इससे एक तो नकलचियों की मंशा पर पानी फिर रहा है तो वहीं नकल माफियाओं के मंसूबे पर भी सख्ती का हथौड़ा चल रहा है। यही वजह है कि नकल के दम पर बेहतर रिजल्ट देने वाले स्कूलों के संचालक छटपटा रहे हैं। आलम यह कि नकल की ओर हाथ बढ़ाने वालों पर तगड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में नकलची तो एक भी नहीं पकड़े गए लेकिन नकल कराने की कोशिश करने वाले 12 कक्ष निरीक्षकों को हटाया जा चुका है। 1यूपी बोर्ड के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की छह फरवरी से शुरू हुई परीक्षा में इस बार कुल 57 केंद्र बनाये गए हैं। इसमें 186 स्कूलों के 50,497 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। शासन की सख्ती के कारण पहले ही दिन भारी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। पहले दिन इंटरमीडिएट की हंिदूी विषय में जहां 1887 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी वहीं हाईस्कूल के हंिदूी विषय की परीक्षा में दूसरे दिन 3551 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दिया। वहीं नकल के चक्कर में अब तक 12 कक्ष निरीक्षकों को हटाया जा चुका है। ये सभी कक्ष निरीक्षक उसी विषय की परीक्षा में ड्यूटी करते पकड़े गए थे जिस विषय के अध्यापक हैं। इतना ही नहीं, अति संवेदनशील केंद्र के रूप में चिन्हित हरिश्चंद्र इंटर कालेज गौरासिंगा के केंद्र व्यवस्थापक को भी हटा दिया गया है। यहां अतिरिक्त केंद्र व्यवस्था को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। 1हाईस्कूल में 12.5, इंटर में 9.12 फीसद ने छोड़ी परीक्षा: जिले में इस बार सख्ती के कारण भारी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम के मुताबिक हंिदूी विषय में परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों को ही परीक्षा छोड़ने के आंकड़े में शामिल किया जाता है। क्योंकि दोनों में हंिदूी अनिवार्य विषय के रूप में है। इस साल हाईस्कूल में पंजीकृत 28359 में से 3551 यानी 12.5 फीसद परीक्षार्थी परीक्षा छोड़े हैं। जबकि इंटरमीडिएट में पंजीकृत 20679 में से 1887 यानी 9.12 फीसद अनुपस्थित रहे हैं। वर्ष 2017 में यह आंकड़ा करीब दस और आठ फीसद का रहा है। 1अभी से फूल रही है स्कूल संचालकों की सांस : इस बार परीक्षा में सख्ती देख कई स्कूल संचालकों की सांस फूल रही है। लोगों की मानें तो ज्यादा सुविधा देने का प्रलोभन देकर स्कूल में प्रवेश लेने और जुगाड़ के सहारे नकल से बच्चों से पास कराकर अपने विद्यालय का रिजल्ट बेहतर बनाने वाले स्कूल संचालकों की मंशा पर इस पर पानी फिर रहा है। क्योंकि इस बार जब नकल नहीं हो रही तो इनका रिजल्ट गड़बड़ होगा। फिर क्या अगले शैक्षिक सत्र में इन स्कूलों में बच्चे प्रवेश ही नहीं लेंगे और ऐसे स्कूल संचालकों की कमाई को बट्टा लग जाएगा।1राबर्ट्सगंज स्थित एक परीक्षा केंद्र में लगा सीसीटीवी ’ जागरणनकल विहीन परीक्षा कराने के लिए पूरी सख्ती की जा रही है। किसी भी केंद्र पर विषयाध्यापक ड्यूटी करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई है आगे भी की जाएगी। साथ ही कहीं से भी नकल की सूचना मिली तो केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ कार्रवाई तय है। 1- राजशेखर सिंह, डीआइओएस

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