सोनभद्र : अगर इरादे मजबूत हों और कुछ करने का जज्बा हो तो किसी तरह का अभाव राह में रोड़ा नहीं बन सकता। कुछ ऐसा ही संदेश दिया है घोरावल विकास खंड में तैनात एक परिषदीय स्कूल के प्राधनाध्यापक महेंद्र दुबे ने। उनकी मेहनत और लगन ने उच्च प्राथमिक विद्यालय मंगदरहा बुलंदी पर पहुंचा रहा है। आज स्कूल की सुविधाएं और शिक्षा का स्तर अच्छे-अच्छे कान्वेंट स्कूलों को टक्कर दे रहा है। अब तो इन्हें आसपास स्कूल के शिक्षक विभाग के लिए रोल माडल तक मानने लगे हैं। 1मीरजापुर जनपद के बघौड़ा निवासी महेंद्र दुबे को 1995 में परिषदीय स्कूल में शिक्षक पद की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद वर्ष 2013 में उच्च प्राथमिक विद्यालय मंगरदहा में इन्हें प्रधानाध्यापक का पद मिला। जब स्कूल का चार्ज मिला तो इनके स्कूल के बारे में विभाग में काफी खराब रेटिंग थी। उसी समय श्री दुबे ने ठाना कि विद्यालय को बुलंदी तक ले जाना है। फिर इन्होंने व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। स्कूल टाइम समाप्त होने के बाद विद्यालय के बच्चों को मुफ्त ट्यूशन देते व बच्चों के अभिभावकों को भी जागरूक करने लगे। जब विद्यालय का माहौल और संसाधन आड़े आने लगे तो इन्होंने अपनी जेब से करीब पांच लाख रुपये खर्च करके हर व्यवस्था मुकम्मल कर दिया।1राज्य स्तर तक बच्चों ने दिखाया है दमखम : महेंद्र दुबे स्कूल को और यहां के बच्चों को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दिए हैं। बीते करीब छह सालों में इन्होंने स्कूल परिसर में एक अच्छी फूलवारी, बागवानी और अन्य व्यवस्थाएं मुकम्मल कर दिया है। इन्होंने अपने ही पैसे ही स्कूल में किचन आदि का भी निर्माण कराया। गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के कारण इनके विद्यालय के बच्चे जनपद स्तर पर होने वाली मेधावी परीक्षाओं में टॉप थ्री में जरूर आते हैं।
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