सोनभद्र। जनपद में बगैर मान्यता के संचालित अवैध स्कूल ने संवेदनहीनता की सारी हदें तोड़ दी। निजी स्कूल ने बोर्ड परीक्षा की एक गरीब छात्रा का प्रवेश पत्र सिर्फ इसलिए रोक लिया क्योकि इसी विद्यालय का छात्र रहे उसकी भाई की फीस नहीं जमा थी और छात्रा का भाई भी अब इस दुनिया में नहीं है।छात्रा का आरोप है कि निजी स्कूल ने किसी अन्य विद्यालय से उसका इंटरमीडिएट का फार्म भरवाया था उसने फीस भी जमा की थी।बावजूद इसके स्कूल का प्रबंधक और पैसे जमा करने का दबाव बना रहा है, क्योंकि उसका मृतक भाई जो पिछले वर्ष तक इसी स्कूल में पढ़ता था उसकी फीस जमा नहीं थी। निजी स्कूल ने आज परीक्षा के दिन भी उसका प्रवेशपत्र नहीं दिया।जब डीआईओएस के संज्ञान में मामला लाया गया तो उन्होंने छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति दिलवाई।
जिलाधिकारी ने छात्रा को प्रताड़ित करने वाले इस स्कूल के खिलाफ जाँच करवाकर कार्यवाई का आश्वासन दिया है।
सोनभद्र के सुकृत इलाके में बिना मान्यता के संचालित एक स्कूल की इंटरमीडिएट छात्रा पूजा को स्कूल प्रबंधन ने उसके मृतक भाई की फीस न जमा न करने पर उसका प्रवेश पत्र रोक दिया।
छात्रा का कहना है कि उसका भाई जो कि पिछले वर्ष तक स्कूल में पढ़ा था और उसकी मौत सड़क दुर्घटना में हो गयी।उसकी फीस भी स्कूल मांग रहा है और न देने पर उसका प्रवेश पत्र रोक दिया, वहीँ छात्रा के परिजन राजू प्रजापति का कहना है कि परीक्षा के दिन भी स्कूल प्रवेश पत्र नहीं दे रहा है और मृतक भाई की भी फीस जमा करने के लिए कह रहा है।जब डीआईओएस से इस बारे में बात की तो उन्होंने छात्रा को परीक्षा में सम्मिलित कराया, लेकिन उन्होंने अवैध स्कूल के खिलाफ कार्यवाई नहीं की।जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय का कहना हैं कि जाँच करवाकर इस निजी स्कूल के खिलाफ कार्यवाई की जाएगी।
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