जासं, ओबरा (सोनभद्र): जहर खाकर खुदकुशी करने वाले एनपीआरसी परसोई अवधबली सिंह के मामले का राज सुसाइड नोट के साथ ही इनकी काल डिटेल भी खोलेगी। कारण कि पत्नी ने थाने में तहरीर देकर इस मामले में तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी समेत तीन अन्य शिक्षकों पर भी मुकदमा दर्ज कराया है। इन पर मुख्य आरोपी महिला शिक्षक का पक्ष लेते हुए बेवजह दबाव बनाने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। मृतक की पत्नी व शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने काल डिटेल से जांच कराने की मांग भी की है। 1मृतक शिक्षक की पत्नी नीलम सिंह ने तहरीर देकर कहा है कि महिला शिक्षक द्वारा छुट्टी मांगी जा रही थी। न देने पर बदनाम किया जा रहा था। इसको लेकर अवधबली सिंह काफी तनावग्रस्त रहते थे। कई बार तो फोन के माध्यम से तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी व कुछ अन्य शिक्षकों द्वारा दबाव भी बनाया गया। इसी वजह से उनके पति ने 56 साल की उम्र में यह कदम उठाया। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के लिए काल डिटेल निकलवाने की मांग की है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी इसकी जांच कराने की मांग की है। 1चरित्र खो दिया तो सबकुछ खो दिया : अवधबली सिंह ने अपनी सुसाइड नोट में लिखा कि पैसे और स्वास्थ्य की हानि हुई तो कोई बात नहीं लेकिन चरित्र चला गया तो सबकुछ चला गया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर लिखा है कि उनके चरित्र के ऊपर लगाए जा रहे झूठे आरोप को लेकर वे जी नहीं सकते।1 खुद पर लगे आरोपों के बारे में सुसाइड नोट के माध्यम से जानकारी देते हुए लिखा है कि एक प्राथमिक विद्यालय की महिला सहायक अध्यापक बीते पांच फरवरी को 9.30 से 10 बजे के करीब उनके आफिस में आई और आगामी 12 और 13 फरवरी को किसी भी कीमत पर उन्हें छुट्टी चाहिए ऐसा कही। जब उन्होंने छुट्टी देने से इनकार कर दिया तो महिला शिक्षक द्वारा उन्हें सबक सिखाने की धमकी दी गई।

No comments:
Post a Comment