सोनभद्र : छात्रों के लिए दिवास्वप्न बनी कंप्यूटर शिक्षा, विद्यालय में नहीं कराई जा रही कंप्यूटर की पढ़ाई

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा देने के उद्देश्य से वर्ष 2006-07 में कंप्यूटर उपलब्ध कराया गया था। उस समय जिले के 115 स्कूलों में कंप्यूटर लगवाए गए थे जिससे कि बच्चे कंप्यूटर सीखें और उसमें पारंगत हो सकें। जब कंप्यूटर लगा तब तो कुछ दिन पढ़ाई हुई लेकिन समय बीतने के साथ ही व्यवस्था ही बदल गई। अब तो इन विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर शिक्षा दिवास्वप्न की तरह हो चुकी है। कहीं पर लगे कंप्यूटर विद्यालयों की शोभा बढ़ा रहे हैं तो कहीं है ही नहीं। 1शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के 654 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए कुछ स्कूल चिहिृत किए गए थे। वर्ष 2006-07 में जिले के 115 स्कूलों में कंप्यूटर लगाया गया। बाकायदा यहां कनेक्शन भी दिए गए लेकिन यह उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। पहले चरण में जूनियर हाईस्कूल राबट्र्सगंज, रौप, केकराही, नागनार हरैया समेत विभिन्न स्कूलों में कंप्यूटर लगाया गया। धीरे-धीरे करके जब 115 स्कूलों में कंप्यूटर लग गया तो पूर्ववर्ती सरकार ने इन स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए अनुदेशकों की भी तैनाती कर दी लेकिन अफसोस की सिस्टम में खामी के कारण ये भी अन्य विषय पढ़ाने लगे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कहीं बिजली की कमी तो कहीं सिस्टम में खराबी के कारण कंप्यूटर का प्रैक्टिकल नहीं हो पाता। हालांकि विभागीय अधिकारी कंप्यूटर शिक्षा देने का दावा कर रहे हैं। 1जहां भी कंप्यूटर लगे हैं वहां हैं। बिजली या किन्हीं अन्य कारणों से अगर पढ़ाई नहीं हो रही है तो इसकी पड़ताल कराकर कंप्यूटर की पढ़ाई कराई जाएगी। इस दिशा में सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। 1-डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए।

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