सोनभद्र : पठन-पाठन का निम्न स्तर देख भड़के डीएम, प्राथमिक विद्यालय तेलगुड़वा की शिक्षकों को दी चेतावनी, बच्चों सहित अध्यापकों का भी बौद्धिक स्तर मिला निम्न, डीएम ने बीईओ को दिया कार्रवाई करने का निर्देश

सोनभद्र : जनपद भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने प्राथमिक विद्यालय तेलगुड़वा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में प्रत्येक स्तर पर पठन-पाठन का स्तर निम्न श्रेणी का पाये जाने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। 1निरीक्षण के दौरान नामांकित 201 बच्चों के सापेक्ष 127 बच्चे उपस्थित पाये गये। जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों का बौद्धिक परीक्षण करते हुए पढ़ाई का स्तर निम्न पाये जाने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी को जहां दायित्व बोध कराया वहीं प्रधानाध्यापिका प्रतिमा कुमारी और सहायक अध्यापक सुनील कुमार को चेतावनी दी। श्री उपाध्याय ने मौके पर मौजूद सहायक अध्यापक का बौद्धिक परीक्षण करते हुए पाया कि सहायक अध्यापक का ही बौद्धिक स्तर जहां अत्यंत निम्न है। वहीं प्रधानाध्यापिका प्रतिमा कुमारी का अध्यापकों व व्यवस्था पर समुचित नियंत्रण नहीं है। खण्ड शिक्षा अधिकारी रमाकान्त राम को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार लाया जाय। स्कूल परिसर का निरीक्षण कर उन्होंने हैण्डपंप के पास साफ-सफाई, परिसर में साफ-सफाई और शौचालय के उपयोग पर बल दिया। इस दौरान विद्यालय में एमडीएम का संचालन जहां संतोषजनक पाया गया, वहीं बच्चों को सुबह दूध का भी वितरण किया गया था। 1आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार न जाने से हुए नाराज : इस दौरान डीएम ने प्राथमिक विद्यालय तेलगुड़वा परिसर में स्थापित आंगनबाड़ी केन्द्र तेलगुड़वा प्रथम का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राधिका देवी जहां मौजूद मिली वहीं 56 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 28 बच्चों की उपस्थिति रही। पाया गया कि 25 नवम्बर से बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है। इससे प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम शुरू होने के पूर्व सहायिका द्वारा आंगनबाड़ी के बच्चों को उनके घर पहुंचाना पड़ता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पौष्टिक आहार/पंजीरी की व्यवस्था करायी जाय और साथ ही वितरण नहीं किए गए पंजीरी का हिसाब दिया जाए।

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