बैनी, सोनभद्र : ‘लाडो’ के स्वास्थ्य व सुरक्षा की हो रही उपेक्षा, दो माह से नहीं मिली खीर, आए दिन समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है

जासं, वैनी (सोनभद्र) : बेटियों को पढ़ाने व और उन्हें बढ़ाने के लिए गांव से लेकर शहर तक अभियान चल रहा है। तरह-तरह की योजनाएं चलाकर उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है। इन्हीं योजनाओं में से एक है कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय योजना। इस योजना के तहत जगह-जगह स्कूल खोलकर कक्षा छह से आठ तक की छात्रओं को बेहतर माहौल देकर पढ़ाई करायी जाती है। उन्हें खाने व रहने की भी व्यवस्था दी जाती है लेकिन जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का हाल काफी बेहाल है। एनजीओ के स्कूलों की हालत तो गजब की है। दैनिक जागरण ने पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। 1नक्सल प्रभावित विकास खंड नगवां के ग्राम नंदना में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित है। यहां समस्याएं बेसुमार हैं। शौचालय में दरवाजे नहीं हैं, जबकि इन्हीं शौचालयों को शिक्षक भी प्रयोग कर रहे हैं। हैंडपंप पर प्लेटफार्म नहीं बना है। बरसात में स्थिति नारकीय हो जाती है। परिसर में आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। पूरे परिसर में पानी भरा रहता है। जिससे बरसात के चार माह काटने मुश्किल हो जाते हैं। मिट्टी भरवाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने आश्वासन दिया लेकिन दो साल से कार्य नहीं हुआ। इस समय यहां सौ बच्चियां पंजीकृत हैं। 1दो माह से नहीं मिली खीर : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नंदना में गत दो माह से छात्रओं को खीर नहीं मिली। पड़ताल के दौरान छात्रओं ने बताया कि इधर बीच भोजन या नाश्ता तो ठीक मिलता है लेकिन बीते दो माह से खीर नहीं मिल रही है। इसकी शिकायत शिक्षकों से भी की गई है। एनजीओ से संचालित इस विद्यालय की समस्याओं का समाधान कराने के लिए उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।जासं, वैनी (सोनभद्र) : बेटियों को पढ़ाने व और उन्हें बढ़ाने के लिए गांव से लेकर शहर तक अभियान चल रहा है। तरह-तरह की योजनाएं चलाकर उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है। इन्हीं योजनाओं में से एक है कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय योजना। इस योजना के तहत जगह-जगह स्कूल खोलकर कक्षा छह से आठ तक की छात्रओं को बेहतर माहौल देकर पढ़ाई करायी जाती है। उन्हें खाने व रहने की भी व्यवस्था दी जाती है लेकिन जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का हाल काफी बेहाल है। 

दो माह से नहीं मिली खीर : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नंदना में गत दो माह से छात्रओं को खीर नहीं मिली। पड़ताल के दौरान छात्रओं ने बताया कि इधर बीच भोजन या नाश्ता तो ठीक मिलता है लेकिन बीते दो माह से खीर नहीं मिल रही है। इसकी शिकायत शिक्षकों से भी की गई है। एनजीओ से संचालित इस विद्यालय की समस्याओं का समाधान कराने के लिए उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।विद्यालय में फर्श पर बैठ कर भोजन करतीं छात्रएं ’ जागरणअधिकारी की नहीं सुनता एनजीओ संचालक1सोनभद्र : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नंदना की व्यवस्था का संचालन एक एनजीओ की तरफ से किया जाता है। खंड शिक्षा अधिकारी एसपी सहाय ने बताया कि विद्यालय की समस्याओं के बारे में एनजीओ संचालक से कई बार कहा लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। बातों को अनसुना कर दिया जाता है। बताया कि विद्यालय संचालन करने वाली एनजीओ का संचालक गाजीपुर का रहने वाला है।’शौचालयों में दरवाजे नहीं, हैंडपंप पर नहीं है।

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