मिर्जापुर : विद्यालयों में कागज पर एमडीएम, जिला विद्यालय निरीक्षक के निरीक्षण में लकड़ी पर बनता मिला एमडीएम, मेन्यू का भी नहीं रखा जाता ध्यान, जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं


मीरजापुर : माध्यमिक विद्यालयों में एमडीएम की दशा बदहाल है। अधिकांश जगहों पर गोरखधंधा चल रहा है। जब कभी निरीक्षण हो जाता है तो मामला पकड़ में आ जाता है लेकिन उसको भी चेतावनी देकर रफा- दफा कर दिया जाता है। अधिकांश विद्यालयों में तो एमडीएम बनता ही नहीं और यदि बनता भी है तो मेन्यू का पालन नहीं होता है। 1 दूध और फल तो शायद ही कभी मिलता है। दीमक लगी लकड़ी पर बनता मिला एमडीएम : पिछले दिनों जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने कछवां के राजकीय बालिका हाईस्कूल का निरीक्षण किया था। उस समय वहां पर लकड़ी पर एमडीएम बन रहा था जबकि हर विद्यालय को गैस का सिलेंडर व चूल्हा दिया गया है। लकड़ी भी कैसी दीमक लगी जो यदि भोजन में किसी प्रकार मिल जाए तो सीधे बालिकाओं के पेट में पहुंच जाए। डीआइओएस ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाचार्य को कड़ी चेतावनी दी और बीएसए को कार्रवाई के लिए संस्तुति करने को कहा है। 1दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई1जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने कहा कि एमडीएम में अनियमितता एक गंभीर प्रकरण है। इस बाबत बीएसए को सूचित किया जाएगा। उनके विभाग में इसके लिए एक अधिकारी ही तैनात किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एमडीएम में कतई कोताही न बरती जाए। यदि आवश्यकता पड़ी तो इसके लिए शासन को भी सूचित किया जाएगा।

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