खंड शिक्षा अधिकारियों की होगी पदोन्नति, सूबे के 109 अफसरों से शिक्षा निदेशालय ने मांगी गोपनीय प्रविष्टियां, सूची में शामिल आधे से अधिक खंड शिक्षा अधिकारी हो चुके रिटायर

इलाहाबाद1प्रदेश सरकार की मंशा पर शिक्षा महकमे के अफसर ही पानी फेरने पर आमादा हैं। 15 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद विभाग खंड शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति करने जा रही है, लेकिन शिक्षा निदेशालय से जारी हुई वरिष्ठता सूची में करीब आधे अफसर पिछले वर्षो में ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब विभाग इन्हें किस आधार पर पदोन्नति देने जा रहा है, यह शिक्षा अधिकारी समझ नहीं पा रहे हैं। प्रमोशन न होने का कारण भी विभागीय अफसरों की अनदेखी व अन्य कई वजहें रही हैं।1उप्र अधीनस्थ शैक्षिक राजपत्रित निरीक्षण शाखा के उप बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रति उप विद्यालय निरीक्षक, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी जिन्हें अब खंड शिक्षा अधिकारी कहा जाता है की पदोन्नति की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय की ओर से निर्देश दिया गया है कि वर्ष 2016-17 तक विगत दस वर्ष की गोपनीय चरित्र प्रविष्टियां पूर्ण कराकर भेजी जाए। इसके लिए प्रदेश भर में तैनात 109 अफसरों की सूची भी जारी की गई है, जिनकी पदोन्नति की जानी है। 1इस पद के नियमित प्रमोशन वर्ष 2002 तक हुए हैं। उसके बाद से पदोन्नतियां रुकी थी। इससे खफा होकर खंड शिक्षा अधिकारी अच्छे लाल गुप्ता व ईश्वर चंद्र चौहान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया कि अधिकारी रिटायर हो रहे हैं आखिर कब पदोन्नति होगी। कोर्ट के निर्देश पर कुछ पदोन्नतियां हुई, लेकिन अधिकांश को लाभ नहीं मिल सका। 1शिक्षा महकमे में उप बेसिक शिक्षा अधिकारियों का पद नाम 14 जुलाई 2011 को बदलकर खंड शिक्षा अधिकारी कर दिया गया। इसके पहले डिप्टी बीएसए, एबीएसए का पद और वरिष्ठता सूची आदि अलग-अलग रही है। शासन ने अब तक इनकी सेवा नियमावली तय नहीं की है। वरिष्ठता सूची, बीएसए की पदोन्नति सूची का प्रकरण न्यायालयों में लंबित है। 1खंड शिक्षा अधिकारियों का भले ही लंबे समय बाद प्रमोशन होने जा रहा है, लेकिन इससे वह खुश कम नाखुश ज्यादा है। वजह यह है कि वरिष्ठता सूची के अलावा पहले डिप्टी बीएसए के 179 पदों के लिए 17 प्रतिशत का प्रमोशन कोटा रहा है, अब खंड शिक्षा अधिकारियों के पद बढ़कर 1031 हो गए हैं।

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