दुद्धी ब्लॉक के सभी शिक्षकों का मिशन शिक्षण संवाद में हार्दिक अभिनंदन है।
https://www.facebook.com/groups/1190944841050065/
हम सभी न्यूनतम उपलब्ध व्यवस्था बेहतर कार्य कर रहे हैं वह भी बिना किसी सराहना और पृष्ठपोषण के। ऐसे में धीरे धीरे करके कार्य मे प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का ह्रास होने लगता है। हम लोग लगभग एक जैसे कार्यक्षेत्र में संलग्न हैं तो शिक्षण अधिगम में कुछ सामान समस्याएं उत्पन्न होती हैं जिसका निराकरण हम आप में से ही किसी के पास निकल आता है लेकिन उपयुक्त मंच नहीं होने के कारण हम सबको उसका लाभ नहीं मिल पाता। कई लोगों के विचार और युक्ति होते है लेकिन उसे उचित परिवेश न मिलने के कारण लागू नही कर पाते। कई लोगों के पास परिवेश तो है लेकिन उस परिवेश में किस तरह कौन से कार्य कैसे किये जाए की युक्ति नहीं सूझती। ऐसे में यदि कोई ऐसा मंच मिल जाता है जो एक दूसरे की मदद कर सके तो यह रिक्ति समाप्त हो जाए। मिशन शिक्षण संवाद प्रदेश स्तर पर 53 जिलों में बना हुआ मंच है जिसमे सोनभद्र भी शामिल होने के प्रथम चरण पर है। इसका एक मात्र उद्देश्य आपसी सहयोग से शिक्षा का उत्थान और शिक्षक का सम्मान करना है। तो पहले सोंचना शुरू करें कि इसके लिए हम अपने विद्यालय से क्या कर सकते है। उस सोंच को विद्यालय में लागू करें। फिर उसके परिणाम को निःसंकोच इस समूह में साझा करें। उस पर आए पृष्ठपोषण का विश्लेषण करें। आइए हम सब मिल कर सोनभद्र की इस माटी पर विद्या जागृति का शुभारंभ करें।
मिशन शिक्षण संवाद, दुद्धी
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हम सभी न्यूनतम उपलब्ध व्यवस्था बेहतर कार्य कर रहे हैं वह भी बिना किसी सराहना और पृष्ठपोषण के। ऐसे में धीरे धीरे करके कार्य मे प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का ह्रास होने लगता है। हम लोग लगभग एक जैसे कार्यक्षेत्र में संलग्न हैं तो शिक्षण अधिगम में कुछ सामान समस्याएं उत्पन्न होती हैं जिसका निराकरण हम आप में से ही किसी के पास निकल आता है लेकिन उपयुक्त मंच नहीं होने के कारण हम सबको उसका लाभ नहीं मिल पाता। कई लोगों के विचार और युक्ति होते है लेकिन उसे उचित परिवेश न मिलने के कारण लागू नही कर पाते। कई लोगों के पास परिवेश तो है लेकिन उस परिवेश में किस तरह कौन से कार्य कैसे किये जाए की युक्ति नहीं सूझती। ऐसे में यदि कोई ऐसा मंच मिल जाता है जो एक दूसरे की मदद कर सके तो यह रिक्ति समाप्त हो जाए। मिशन शिक्षण संवाद प्रदेश स्तर पर 53 जिलों में बना हुआ मंच है जिसमे सोनभद्र भी शामिल होने के प्रथम चरण पर है। इसका एक मात्र उद्देश्य आपसी सहयोग से शिक्षा का उत्थान और शिक्षक का सम्मान करना है। तो पहले सोंचना शुरू करें कि इसके लिए हम अपने विद्यालय से क्या कर सकते है। उस सोंच को विद्यालय में लागू करें। फिर उसके परिणाम को निःसंकोच इस समूह में साझा करें। उस पर आए पृष्ठपोषण का विश्लेषण करें। आइए हम सब मिल कर सोनभद्र की इस माटी पर विद्या जागृति का शुभारंभ करें।
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