जागरण संवाददाता, सोनभद्र : उत्तर प्रदेश राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। जिलाधिकारी को दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कार्यकर्ताओं ने एरियर भुगतान व पोषाहार ढुलाई का भुगतान नियमित रूप से करवाने की मांग की। प्रदर्शन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना म्योरपुर में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से भुगतान नहीं किया गया है। उसे तत्काल दिया जाय। वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना नगवां में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय भुगतान कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से न कर विगत वर्ष के बाद का मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। यह न्यायोचित नहीं है। ऐसे में उक्त दोनों परियोजना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लंबित अवधि का मानदेय भुगतान कराया जाय। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के एरियर मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषाहार ढुलाई का भुगतान वर्ष 2011 से ही नहीं किया गया है। गत महीनों में करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि आयी लेकिन कार्यालय की लापरवाही के कारण कार्यकर्ताओं का भुगतान नहीं किया जा सका। पूरा धन वापस निदेशालय चला गया। वर्ष 2016 में महज नौ माह का ही भुगतान किया गया है। कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने व केंद्रों पर अभिलेख के लिए पर्याप्त रजिस्टर उपलब्ध कराये जाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह के अलावा माधुरी पांडेय, उर्मिला सिंह, मंजूलता, श्यामलता देवी, किरन, माया, रानी, लीलावती, कमला, आशा, सरोज, गीता, सावित्री, लक्ष्मीना, रजवंती, सोनी, सुनीता, संतोष कुमारी, कंचन आदि शामिल रहीं।जागरण संवाददाता, सोनभद्र : उत्तर प्रदेश राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। जिलाधिकारी को दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कार्यकर्ताओं ने एरियर भुगतान व पोषाहार ढुलाई का भुगतान नियमित रूप से करवाने की मांग की। प्रदर्शन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना म्योरपुर में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से भुगतान नहीं किया गया है। उसे तत्काल दिया जाय। वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना नगवां में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय भुगतान कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से न कर विगत वर्ष के बाद का मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। यह न्यायोचित नहीं है। ऐसे में उक्त दोनों परियोजना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लंबित अवधि का मानदेय भुगतान कराया जाय। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के एरियर मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषाहार ढुलाई का भुगतान वर्ष 2011 से ही नहीं किया गया है। गत महीनों में करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि आयी लेकिन कार्यालय की लापरवाही के कारण कार्यकर्ताओं का भुगतान नहीं किया जा सका। पूरा धन वापस निदेशालय चला गया। वर्ष 2016 में महज नौ माह का ही भुगतान किया गया है। कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने व केंद्रों पर अभिलेख के लिए पर्याप्त रजिस्टर उपलब्ध कराये जाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह के अलावा माधुरी पांडेय, उर्मिला सिंह, मंजूलता, श्यामलता देवी, किरन, माया, रानी, लीलावती, कमला, आशा, सरोज, गीता, सावित्री, लक्ष्मीना, रजवंती, सोनी, सुनीता, संतोष कुमारी, कंचन आदि शामिल रहीं।
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सोनभद्र : एरियर का करें भुगतान, कलेक्ट्रेट में की नारेबाजी, डीएम को सौंपा दस सूत्रीय मांगपत्र
जागरण संवाददाता, सोनभद्र : उत्तर प्रदेश राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। जिलाधिकारी को दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कार्यकर्ताओं ने एरियर भुगतान व पोषाहार ढुलाई का भुगतान नियमित रूप से करवाने की मांग की। प्रदर्शन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना म्योरपुर में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से भुगतान नहीं किया गया है। उसे तत्काल दिया जाय। वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना नगवां में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय भुगतान कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से न कर विगत वर्ष के बाद का मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। यह न्यायोचित नहीं है। ऐसे में उक्त दोनों परियोजना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लंबित अवधि का मानदेय भुगतान कराया जाय। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के एरियर मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषाहार ढुलाई का भुगतान वर्ष 2011 से ही नहीं किया गया है। गत महीनों में करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि आयी लेकिन कार्यालय की लापरवाही के कारण कार्यकर्ताओं का भुगतान नहीं किया जा सका। पूरा धन वापस निदेशालय चला गया। वर्ष 2016 में महज नौ माह का ही भुगतान किया गया है। कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने व केंद्रों पर अभिलेख के लिए पर्याप्त रजिस्टर उपलब्ध कराये जाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह के अलावा माधुरी पांडेय, उर्मिला सिंह, मंजूलता, श्यामलता देवी, किरन, माया, रानी, लीलावती, कमला, आशा, सरोज, गीता, सावित्री, लक्ष्मीना, रजवंती, सोनी, सुनीता, संतोष कुमारी, कंचन आदि शामिल रहीं।जागरण संवाददाता, सोनभद्र : उत्तर प्रदेश राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। जिलाधिकारी को दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कार्यकर्ताओं ने एरियर भुगतान व पोषाहार ढुलाई का भुगतान नियमित रूप से करवाने की मांग की। प्रदर्शन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना म्योरपुर में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से भुगतान नहीं किया गया है। उसे तत्काल दिया जाय। वर्ष 2011 में बाल विकास परियोजना नगवां में नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय भुगतान कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से न कर विगत वर्ष के बाद का मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। यह न्यायोचित नहीं है। ऐसे में उक्त दोनों परियोजना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लंबित अवधि का मानदेय भुगतान कराया जाय। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के एरियर मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषाहार ढुलाई का भुगतान वर्ष 2011 से ही नहीं किया गया है। गत महीनों में करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि आयी लेकिन कार्यालय की लापरवाही के कारण कार्यकर्ताओं का भुगतान नहीं किया जा सका। पूरा धन वापस निदेशालय चला गया। वर्ष 2016 में महज नौ माह का ही भुगतान किया गया है। कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने व केंद्रों पर अभिलेख के लिए पर्याप्त रजिस्टर उपलब्ध कराये जाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह के अलावा माधुरी पांडेय, उर्मिला सिंह, मंजूलता, श्यामलता देवी, किरन, माया, रानी, लीलावती, कमला, आशा, सरोज, गीता, सावित्री, लक्ष्मीना, रजवंती, सोनी, सुनीता, संतोष कुमारी, कंचन आदि शामिल रहीं।
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