सोनभद्र : फर्जी नियुक्ति में बीएसए पर गाज - सीएम का फरमान। जिले में फर्जी ढंग से आठ शिक्षकों की हुई थी नियुक्ति। तत्कालीन बीएसए संग लिपिक पर भी दर्ज किया जा सकता है केस। एडीएम की जांच रिपोर्ट में हुआ था फर्जी नियुक्ति का खुलासा



जागरण संवाददाता, सोनभद्र : अपनी तैनाती के दौरान तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनभरन राम राजभर ने अपने कार्यालय के वरिष्ठ सहायक के साथ मिलकर फर्जी ढंग से आठ शिक्षकों की नियुक्ति कर दिया था। कुछ अभ्यर्थियों की शिकायत पर हुई जांच में जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी ने आठ शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी करार देते हुए मनभरन राम राजभर, उनके बाद जिले में बीएसए बनकर आए अमरनाथ सिंह और संबंधित लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति किया था। बाद में शासन स्तर से दोनों तत्कालीन बीएसए को निलंबित कर दिया गया। कुछ ही दिन के बाद लिपिक को संयुक्त शिक्षा निदेशक ने निलंबित कर दिया। अभी तीनों निलंबित ही हैं। इसी बीच शनिवार को मीरजापुर में आए सीएम ने मनभरन राम राजभर को जेल भेजने का निर्देश दिया है।1शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 823 सहायक अध्यापकों की भर्ती की जानी थी। तय समय पर समाचार पत्रों में विज्ञप्ति भी प्रकाशित करायी गई। आवेदन करने वालों की जब अगस्त महीने में काउंसिलिंग शुरू हुई तो कुछ विभागीय लोग उसमें खेल करना शुरू कर दिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार 823 पदों के लिए हुई काउंसिलिंग प्रक्रिया में कुल 810 चयनित अभ्यर्थियों में से 760 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र 31 अगस्त 2016 को जारी कर दिया गया। शेष 50 अभ्यर्थी जो डीएड डिग्रीधारी हैं उनका मामला न्यायालय में होने की वजह से उनकी सीट आरक्षित कर दी गई। शेष बचे 13 पद जिसमें नौ पद अनुसूचित जनजाति, तीन अनुसूचित व एक अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रिक्त एवं प्रतीक्षारत रखा गया। इसी बीच तत्कालीन बीएसए मनभरन राम राजभर और लिपिक देवेश नारायण शुक्ल ने बिना चयन समिति के अध्यक्ष व सदस्यों के अनुमोदन के ही आठ और शिक्षकों की नियुक्ति कर डाली। इसी बीच तत्कालीन बीएसए मनभरन राम राजभर का स्थानांतरण मीरजापुर के लिए कर दिया गया। फिर जब नए बीएसए अमरनाथ सिंह आए तो उन्होंने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया और इन आठों शिक्षकों को स्कूलों में तैनात भी करा दी। इसलिए जांच अधिकारी ने इन तीनों को दोषी करार दिया। इस लिए यह पूरी संभावना जतायी जा रही है कि तत्कालीन बीएसएस के साथ ही लिपिक पर भी केस दर्ज होगा। 1निर्धारित तिथि के बाद करायी थी ज्वाइनिंग1सोनभद्र : जिले में फर्जी तरीके से हुई आठ शिक्षकों की भर्ती के बाद उन्हें निर्धारित तिथि के बाद स्कूल में ज्वाइनिंग करायी गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार 760 चयनित अभ्यर्थियों के कार्यभार ग्रहण करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2016 थी। जबकि उक्त आठ अभ्यर्थियों को इस तिथि के बाद कार्यभार ग्रहण कराया गया। संबंधित ब्लाक क्षेत्र के बीइओ ने जांच अधिकारी को बताया है कि उन लोगों ने वर्तमान बीएसए अमरनाथ सिंह द्वारा लिखित व मौखिक रूप से कहने पर आठों अभ्यर्थियों को ज्वाइन कराया है।