प्रदेश में आदित्यनाथ योगी की सरकार ने डीएम व एसपी को सुबह नौ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक जनता की समस्या सुनने का समय निर्धारित किया है। जागरण ने जिले में सोमवार को इसकी तहकीकात कर हकीकत जानने की कोशिश किया कि सरकार के इस निर्देश का असर है या नहीं। जनपद में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक सुबह नौ बजे ही कार्यालय पहुंच गए। हालांकि फरियादियों की तादाद न के बराबर रही। जिलाधिकारी कार्यालय में सुबह पौने 10 बजे व एसपी कार्यालय में 10 बजे से फरियादियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। हालांकि जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय के आवश्यक बैठक में लखनऊ चले जाने के कारण मुख्य विकास अधिकारी रामाश्रय ने जनता की समस्या सुनी। पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने जनता के दुख दर्द को सुन तत्काल कार्रवाई करने के लिए संबंधित थानाध्यक्ष को दिशा निर्देश दिए। 1
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जिलाधिकारी कक्ष में मौजूद रहे मुख्य विकास अधिकारी, वादकारियों की समस्या सुन समाधान का निर्देश
समय से पहुंचे अन्य अधिकारी 1प्रभारी डीएम व एसपी के सुबह नौ बजे कार्यालय पहुंचने का असर अधिकारियों पर भी दिखा। कलेक्ट्रेट ही नहीं तहसील के अधिकारी भी उसी समय कार्यालय पहुंच गए। सीओ भी मौजूद रहे। हालांकि हर दफ्तरों में सुबह नौ से 10 बजे तक फरियादियों की तादाद काफी कम रही। 1भूमि विवाद के अधिक आए मामले1जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के पास भूमि विवाद के मामले अधिक पहुंचे। प्रभारी डीएम ने जहां इन शिकायतों के निस्तारण के संबंधित तहसील के एसडीएम को निर्देशित किया वहीं एसपी ने संबंधित थानाध्यक्ष को निर्देशित किया कि राजस्व कर्मियों की मदद लेकर मामले का तत्काल निस्तारण कराया जाए।

लाधिकारी कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी रामाश्रय सोमवार की सुबह नौ बजे ही पहुंच गए। उन्होंने डीएम कार्यालय कक्ष में ही जनता के समस्या को सुना। यहां सुबह पौने 10 बजे पहला फरियादी पहुंचा। बीजपुर से आए मोहन गुप्ता ने जमीन विवाद से संबंधित प्रार्थना पत्र दिया। सीडीओ ने मोबाइल से ही उपलाधिकारी दुद्धी को वाकये की जानकारी देते हुए उसके तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बाद मोहन के शिकायती पत्र को जनशिकायत प्रकोष्ठ में भेज दी गई। मोहन के बाद चतरा ब्लाक के पड़री खुर्द निवासी शिवनारायण शिकायती पत्र लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि गांव में मोरंग व खड़जा के संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया है। इसमें जमकर अनियमितता बरती गई है। 1 इन संपर्क मार्गों में मानक की भी अनदेखी की गई है। शिकायत प्रकोष्ठ में उस शिकायत को भी पंजीकृत कर चतरा ब्लाक के अधिकारियों को मामले की जांच का निर्देश दिया गया। सुबह नौ से पूर्वाह्न 11 बजे तक लाधिकारी कक्ष में कुल सात फरियादी पहुंचे। वैसे कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह नौ बजे तक काफी संख्या में लोग मौजूद थे। पहले तो लोग यही समझ रहे थे कि गर्मी होने के कारण व योगी के फरमान के कारण ही जनता शिकायती पत्र लेकर सुबह पहुंची है लेकिन तहकीकात करने पर जानकारी हुई कि श्रमिक दिवस के मौके पर मजदूरों के बच्चों को वजीफा संबंधित चेक देने के लिए कलेक्ट्रेट बुलाया गया है। यह चेक लेने के लिए ¨वढमगंज थाना क्षेत्र के कुलीनडुभा निवासी कौशल किशोर यादव, मनोज यादव, धनवंती देवी, केवाल निवासी लालमनि यादव, चोपन थाना क्षेत्र के करईल गांव निवासी नंदू कुमार, दुद्धी कोतवाली के महुअरिया गांव की सावित्री देवी, सरिता देवी, अनिता देवी सुबह नौ बजे ही कलेक्ट्रेट पहुंच चुकी थीं। हालांकि सुबह साढ़े नौ बजे तक श्रम विभाग के अधिकारियों व कर्मियों के न पहुंचने के कारण वे पेड़ के छांव में उनके आने का इंतजार कर रहे थे। 1दो घंटे में एसपी के पास पहुंचे 10 फरियादी 1एसपी आरपी सिंह भी पुलिस लाइन कार्यालय में सुबह नौ बजे पहुंच गए। एसपी के आने से पहले पीआरओ अशोक कुमार यादव मौजूद रहे। यहां भी फरियादियों के आने का क्रम सुबह 10 बजे शुरू हुआ। सुबह नौ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक दो घंटे में कुल 10 लोगों ने अपने दुख दर्द को बयां किया। राबट्र्सगंज कोतवाली के चेंदुली गांव निवासी एक युवक ने एसपी से फरियाद लगाई कि उसके भाई व मां की हत्या कर दी गई लेकिन हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल रिपोर्ट तलब की। पता चला कि इस मामले में नामजद पांच हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है। अज्ञात में दो लोगों की जांच की गई। जांच में उनके घटना में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई। एसपी आने वाली शिकायतों को पड़ते और फिर संबंधित थाना प्रभारियों को स्वत: ही मोबाइल से उसके निस्तारण का निर्देश देते देखे गए
