उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित बीएसए ऑफिस में जब डीएम ने छापा मारा तो वहां का नजारा देख वह खुद भी दंग रह गए. आम आदमी की तरह ऑफिस के लेखा विभाग में पहुंचे डीएम साहब को यहां के सरकारी बाबू पहचान नहीं सके और उन्होंने उनके साथ 'सेटिंग' शुरू कर दी. डीएम ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.
दरअसल, डीएम आकाशदीप शनिवार को अचानक पैदल ही खीरी जिले के बीएसए ऑफिस के लेखा विभाग में जा पहुंचे. उन्होंने अपनी कार सड़क पर छोड़ दी थी. डीएम को वहां कोई कर्मचारी पहचान ही नहीं पाया. यही नहीं, वहां के कर्मचारियों ने डीएम से ही सही से व्यवहार भी नहीं किया. चार साल पहले रिटायर हो चुके एक बाबू से जब डीएम ने पेंशन बनवाने की बात कही तो उसने डीएम से ही सेटिंग शुरू कर दी. इतना ही नहीं डीएम से किनारे खड़े रहने को भी कह दिया. डीएम के स्टेनो ने जब टोका कि जानते नहीं डीएम साहब हैं, इस पर भी बेशर्म बाबू अपनी सीटों से नहीं उठे. फिर जब स्टेनों ने उन्हें डांटा तो सभी खड़े हो गए.
ऑफिस का ये हाल देखकर डीएम का पारा चढ़ गया. इसके बाद उन्होंने बीएसए ऑफिस को अच्छी तरह चेक किया. इस दौरान कई कर्मचारी नदारद मिले. एक रिटायर्ड महिला टीचर ने तो रो-रोकर डीएम को अपना दुखड़ा सुनाया. उसने बताया कि किस तरह जांच के नाम पर लेखा विभाग उसकी पेंशन फंसाए हुए है. वो डेढ़ साल से एड़ियां रगड़ रही है. डीएम ने एबीएसए से जानकारी ली तो उसकी शिकायत सही पाई गई.
इसके बाद डीएम खुद खाली पड़ी बीएसए की कुर्सी पर बैठ गए और लेखा अधिकारी और बीएसए को तलब किया. थोड़ी ही देर में बीएसए भी हाजिर हो गए.