धन के बंदरबांट में टूटी सड़कें
लोक निर्माण विभाग व ठेकेदार के गठजोड़ में गांव की सड़क बदहाल
समस्या
ठेकेदार पर ग्रामीण मजदूरों के 60,000 रुपये लूटने का आरोप पिछले पांच सालों में एक बार भी क्षेत्र में नहीं पहुंचे अधिकारी

जागरण संवाददाता, ¨वढमगंज (सोनभद्र) : पिछली सरकार में लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के नाम पर सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया है। ठेकेदारों और पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं के गठजोड़ की काली करतूत में दुद्धी विकास खंड की कई सड़कें चरमरा गई हैं। पक्की सड़क बनाने के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए और उसे देखने के लिए ये अधिकारी एक बार भी क्षेत्र में नहीं पहुंचे। 1अब जनता कराह रही है। नवगठित सरकार से उम्मीद पाले ये ग्रामीण जिलाधिकारी से न्याय पाने की गुहार लगा रहे हैं। यही नहीं, ठेकेदारों ने मजदूरों के कई हजार रुपये भी हड़प लिए। शिकायत के बाद नहीं पहुंचे अधिकारी दुद्धी विकास खंड के अति दुरुह गांव क्षेत्रों में सड़कें बदहाल हैं। इस हालात के लिए के कोई और नहीं बल्कि लोक निर्माण विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी हैं। क्षेत्र के ग्राम पंचायत घूमा के गोंड़ बस्ती में सड़क का निर्माण कराया गया। इसकी कुल लंबाई 1275 मीटर है। सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद ही सड़क टूट-टूटकर धसक गई और अपना अस्तित्व खो बैठी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पांच सालों में सड़क को लेकर कई बार विभाग से शिकायत की गई। बार-बार विभाग के द्वार पर दस्तक देने के बाद भी अधिकारियों ने नजर नहीं फेरी। टूटी सड़कों से होने वाली परेशानी ग्रामीणों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। 1 ठेकेदारों ने लूट लिए 60 हजार रुपये यहां के ग्रामीणों ने बताया कि जब यह सड़क बन रही थी उस दौरान मजदूरी के काम में बस्ती के ही कुछ लोग लगे हुए थे। आलम यह है कि सड़क बनाने में धन का जो बंदरबांट हुआ उसके अतिरिक्त ठेकेदारों ने अभी तक बकाया 60 हजार मजदूरी भी नहीं दी। 1गरीब, बेसहारे मजदूरों में अब भी एक आस है कि उन्हें बकाये मजदूरी आज नहीं तो कल जरूर मिलेगी। उसमें कुछ तो ऐसे हैं जो जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचने की जहमत उठाने की स्थिति में नहीं हैं। ग्रामीणों में ग्राम प्रधान राम प्रसाद यादव, प्रदीप कुमार व श्याम शरण सहित बस्ती के कई ग्रामीण मौजूद रहे
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