सोनभद्र(रवि पांडेय) सूबे में योगी सरकार जितनी तत्परता से जनता की शिकायतों को दूर करने का दावा कर रही है तो वही जिले में पुलिस प्रशासन अपनी पुरानी कार्य प्रणाली में सुधार लाने को तैयार नही दिखती है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के 13 अप्रैल की शाम मुन्सफी चौराहे के पास की है जिसमे मुकदमा दर्ज होने के बावजूद भी अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। बताते चले की 13 अप्रैल को प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक शैलेंद्र पाण्डेय पुत्र अमरनाथ देव पाण्डेय निवासी मुन्सफी चौराहा किसी कार्य से बाजार जाने के लिए घर से निकले और अभी कुछ दूर पहुचे ही होंगे की पहले से ही घात लगाये नरेन्द्र पाण्डेय पुत्र राजाराम पाण्डेय निवासी हर्ष नगर अपने साथियों के साथ मिलकर लोहे की राड से मारने लगे जिससे उनके सिर पर गहरी चोट आई। पीड़ित शैलेंद्र ने बताया कि मारने के बाद नरेंद्र ने पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दिया। इसकी शिकायत पुलिस से किया गया जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज तो कर लिया लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
यहां प्रश्न यह है कि एक प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक पर जानलेवा हमला होता है और पुलिस कार्यवाही के नाम पर एफआईआर दर्ज कर अपने कार्य की इति श्री कर लिया है।
यहां प्रश्न यह है कि एक प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक पर जानलेवा हमला होता है और पुलिस कार्यवाही के नाम पर एफआईआर दर्ज कर अपने कार्य की इति श्री कर लिया है।