एक नजर इधर भी
सबकी नजर बेसिक शिक्षा में सुधार पर लगी हैं, नित ऐसे - ऐसे हास्यप्रद व तुगलकी फरमान आ रहे हैंकि हम शिक्षक ना होकर कोई आतंकवादी हो गये। हद हो गयी जैसे पूरे उत्तर प्रदेश में और कोई विभाग ही नही है सुधार करने के लिए, चपरासी से भी गिरी हालत हो गयी है मास्टरों की, ऐसा कोई काम नही जो बेसिक शिक्षा विभाग न करता हो।
इन विभाग में भी कभी किसी का विचार होगा या सिर्फ दबंगई बेसिक विभाग के लिए है।
स्वास्थ्य विभाग में सुधार कब होगा।
पुलिस विभाग में सुधार कब होगा।
परिवहन विभाग में सुधार कब होगा।
सफाई कर्मी विभाग में सुधार कब होगा।
नगर निगम विभाग में सुधार कब होगा।
आंगनबाड़ी विभाग में सुधार कब होगा।
राजस्व विभाग में सुधार कब होगा।
दिन - प्रतिदिन रोडवेज का किराया बढ़ता जा रहा है, सुधर कब होगा।
पुरे उत्तर प्रदेश में, रोड में खड्डे है या खड्डो में रोड हैं, इसमें सुधर कब होगा।
हजारो गाँवो में लाइट आज भी नही है, इनमे सुधार कब होगा।
बुन्देलखण्ड में पीने को पानी नही, सुधार कब होगा।
खाद - बीज किसान को इतना महंगा पड़ रहा है, खेत बंजर होने वाले है, इसमें सुधार कब होगा।
हर स्टेशन पर भिखारी, आज भी भीख मांग रहे है, पहनने को कपडे नही है, इसमें सुधार कब होगा।
आज भी गाँवो में जाने के लिए सड़कें नही है, इसमें सुधार कब होगा।
दिन - प्रतिदिन बेरोजगारी बढ़ रही है, इसमें सुधार कब होगा।
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लेकिन सुधार सिर्फ बेसिक शिक्षा में होगा।
आने वाले समय में बेसिक टीचर अधिकारियों के घरो में चारा पानी करने को तैयार रहें। अब यही सुधार बाकी हैं।