जागरण संवाददाता, सोनभद्र : प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइयों को अब उनके निजी खाते में मानदेय भेजा जाएगा। यानि रसोइयों को अब महीनों तक अपने मानदेय के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 1 उन्हें महीने की पहली तारीख को मानदेय खाते में प्राप्त हो जाएगा। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निर्देश पर जिले के अधिकारियों ने इसे अमलीजामा पहनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही चयन करके हर स्कूल में रसोइयों का चयन किया है। छात्र संख्या के अनुसार रसोइयों को रखकर सप्ताह के सभी दिनों में अलग-अलग तरह का भोजन बनवाया जाता है। वही बच्चों को परोसा जाता है। इसे बनाने वाली रसोइयों को हर महीने मानदेय दिया जाता है। 1 पूर्व में रसोइयों को उनका मानदेय नकद मिलता था। वर्तमान में एकाउंट-पेयी चेक के माध्यम से भुगतान किया जाता है। सूत्रों की मानें तो कई बार जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के कारण कई-कई महीने तक रसोइयों को मानदेय नहीं दिया जाता। ऐसे में रसोइयां संघ के लोग काफी दिनों से मांग करते रहे थे कि उनका मानदेय उनके उनके निजी खाते में दिया जाय। ऐसे में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया। 1 प्राधिकरण के निदेशक ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि रसोइयों को उनके निजी खाते में मानदेय दिया जाय। इस संबंध में एमडीएम के समन्वयक रमेश प्रसाद चौरसिया ने बताया कि आदेश अनुपालन में प्रक्रिया शुरू की जा रही है जल्द ही इस पर अमल होगा।स्कूलों में बनता है एमडीएमलाख बच्चों को मिलता है भोजनरुपये मिलता है रसोइयों को मानदेयरसोइयां जिले के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात हैं।
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