जहाँ लेखपाल और प्रधान आकर विद्यालयी कार्यों में हस्तक्षेप करेंगे।।।MDM में कमीशन लिया जायेगा।। सफाई कर्मी के लिए 100 बार एप्लीकेशन देने पर वो न दिलवाया जायेगा।। बच्चों से झाड़ू लगवाने पर स्टाफ को सस्पेंड कर दिया जायेगा।।।
जब तक विद्यालयों में केवल भीड़ बढाने के लिए दाखिले होंगे ।। फेल न करने की नीति बनी रहेगी।। अध्यापकों को अध्यापक कम क्लर्क ज्यादा बनाकर रखा जायेगा।। सुधार की आशा न करें।।
अप्रैल चल रहा है भूख मिटाने के लिये फसलें काट रहे हैं बच्चे।। सरकार कहती है उपस्तिथि कैसे कम है आपका वेतन रोक दिया जायेगा।??
अफसरशाही चरम पर है ।।
जब तक विद्यालयों में केवल भीड़ बढाने के लिए दाखिले होंगे ।। फेल न करने की नीति बनी रहेगी।। अध्यापकों को अध्यापक कम क्लर्क ज्यादा बनाकर रखा जायेगा।। सुधार की आशा न करें।।
अप्रैल चल रहा है भूख मिटाने के लिये फसलें काट रहे हैं बच्चे।। सरकार कहती है उपस्तिथि कैसे कम है आपका वेतन रोक दिया जायेगा।??
अफसरशाही चरम पर है ।।
जमीनी हकीकत से वाकिफ हो सरकारें तभी गुणवत्ता आएगी।। जब भय ख़त्म होगा शिक्षकों का ।।
बच्चा अगर 3 में दाखिले लायक योग्यता नहीं रखता है तो उसे 3 में न लाया जाए।।।।।।।
छुट्टी के बाद कौन देखता है उन्हें कोई बकरी चराता है कोई खेत पर जाता है ।।
दंड दे नहीं सकते नौकरी जो बचानी है।।
खुद की नौकरी बचे तब पढ़ाया जाये।।
रोज SC और HC में डेट लग रही हैं क्यों??
संभावनाएं बहुत हैं अगर शिक्षक की भावनाओं को समझा जाये।।।
वस्तुतः प्राइमरी का मास्टर मंदिर के उस घंटे की तरह हो गया है जिसे किसी भी विभाग का अधिकारी जब चाहे बजाकर चला जाता है।।।
धन्यवाद।।
जितेन्द्र चौबे।
