ओबरा (सोनभद्र) : अब स्मार्ट बनेंगे ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालय, ओबरा तापीय परियोजना ने सीएसआर से शुरू किए जनहित कार्यक्रम परियोजना, विद्यालयों में लगेंगे कंप्यूटर लैपटाप और फर्नीचर, छात्रवृत्ति के तौर पर मेधावी छात्रों को दी जाएगी नकद राशि

जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : प्रदेश की सबसे पुरानी तापीय परियोजना में एक ओबरा तापीय परियोजना द्वारा सीएसआर से कई जन उपयोगी कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। परियोजना प्रशासन द्वारा ओबरा के आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी विकास पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया है। इसमें प्रमुख रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों को स्मार्ट बनाया जाएगा। 1इसके तहत ओबरा तापीय परियोजना द्वारा ग्रामीण प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर परियोजना प्रशासन ने शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए विद्यालयों को नये रूप से विकसित करने का निर्णय लिया है जिसके तहत विद्यालयों के बुनियादी विकास के साथ पठन-पाठन को आधुनिक बनाया जाएगा। योजना के तहत विद्यालयों की बिलिं्डग की मरम्मत के साथ संसाधन विकास के तौर पर कंप्यूटर, लैपटाप, फर्नीचर आदि दिए जाएंगे। इसके अलावा मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति के तौर पर 5-5 हजार देने की योजना है।1जनहित की योजनाओं पर ध्यान 1परियोजना के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि सीएसआर के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांगो को ट्राई साइकिल, 500 परिवारों को स्टील के बर्तन, स्वेटर सहित ग्राम कपड़े भी दिए जाएंगे। इसके अलावा संपर्क मार्ग के निर्माण के साथ जलनिकासी के लिए नालियों का भी निर्माण किया जाएगा। चिकित्सा मदद के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा 

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