शोभित श्रीवास्तव’लखनऊ 1आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं व बच्चों को अब पारंपरिक पंजीरी के साथ ही मीठा-नमकीन दलिया व स्वादिष्ट लड्डू खाने को मिलेगा। प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों का मेन्यू तय कर दिया है। इसमें ‘रेडी टू ईट’ व ‘रेडी टू कुक’ आइटम जोड़े गए हैं। यानी कुछ तो सीधे खाए जा सकते हैं, जबकि कुछ को थोड़ा पकाना पड़ेगा। सरकार इन खाद्य सामग्री की सप्लाई का टेंडर आमंत्रित करने जा रही है।1प्रदेश में कुल 1,66,073 आंगनबाड़ी केंद्र व 22,186 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 1.22 करोड़ बच्चों के साथ ही 35 लाख गर्भवती व धात्री महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए अनुपूरक पोषाहार दिया जाता है। अभी तक आंगनबाड़ी केंद्रों के मेन्यू में केवल कई चीजों के मिश्रण से बनी पंजीरी ही देने की व्यवस्था है। इस पुरानी व्यवस्था को योगी सरकार बदलने जा रही है। अब बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने पोषाहार के मेन्यू में पंजीरी (एमाईलेज रिच एनर्जी फूड) के साथ दो दिन मीठा दलिया, दो दिन नमकीन दलिया व दो दिन लड्डू देने का निर्णय लिया है। इसे लाभार्थियों को घर ले जाने के लिए दिया जाएगा। मीठा व नमकीन दलिया रेडी टू कुक होगा। इसमें दूध या पानी मिलाकर गर्म कर खाया जा सकेगा। लड्डू भी प्री-मिक्स होगा। इसका मिश्रण चाहे तो दूध में डालकर या फिर ऐसे ही खाया जा सकेगा।1खाद्य सामग्री के पैकेट पर होगी बार-कोडिंग: पोषाहार वितरण में होने वाली गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा के नए मानक अपनाए जा रहे हैं, ताकि पोषाहार लाभार्थियों तक पहुंच सके। सरकार प्रत्येक खाद्य सामग्री के पैकेट पर बार कोडिंग करवाने जा रही है। ब्लॉक स्तर पर बार कोड रीडर भी दिया जाएगा। इससे एक-एक पैकेट की जांच हो सकेगी और कालाबाजारी रोकी जा सकेगी। 1चार हजार करोड़ की होती है पोषाहार की खरीद: प्रदेश सरकार पोषाहार की खरीद में इस बार अमूल-चूल करने जा रही है। प्रदेश में इसकी चार हजार करोड़ रुपये की हर साल खरीद होती है। 1सरकार पहली बार तीन के बजाय दो साल के लिए टेंडर करने जा रही है। यदि सप्लाई कंपनियों का काम-काज अच्छा रहा तो उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया जा सकता है। 114 मंडलों में बांटकर होंगे पोषाहार के टेंडर:इस बार सूबे को 14 मंडलों में बांटकर पोषाहार का टेंडर होने जा रहा है। इससे पहले अखिलेश सरकार ने प्रदेश को पांच जोन में बांटकर 15 टेंडर आमंत्रित किए थे। 114 जोन में बांटने व टेंडर की शर्तो को बदलने के कारण इस बार टेंडर में मध्यम वर्ग के पोषाहार निर्माता भी हिस्सा ले सकेंगे। इस बार छोटे-छोटे आठ मंडलों को मिलाकर चार मंडल समूह बना दिए गए हैं।1 इनमें गोरखपुर-बस्ती, चित्रकूट-झांसी, इलाहाबाद-मीरजापुर व मेरठ-सहारनपुर मंडल शामिल हैं। 10 बड़े मंडलों के लिए अलग-अलग यानी कुल 14 टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। 1आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषाहार की सप्लाई: सरकार इस बार आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषाहार की सप्लाई करवाएगी। अभी तक बाल विकास परियोजना कार्यालय तक ही पोषाहार की आपूर्ति होती थी लेकिन, इस बार सरकार ने टेंडर में यह बदलाव किया है। इससे पोषाहार गांव तक पहुंचेगा।
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