सोनभद्र : मेन्यू के मुताबिक भोजन, सफाई रही बेहतर, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय राबर्ट्सगंज मॉडल स्कूल बनने की ओर अग्रसर, छात्रओं की उपस्थिति व अधिगम स्तर भी बेहतर, एनटीपीसी सिंगरौली ने इस स्कूल को लिया हैं गोद

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय राबट्र्सगंज जो उरमौरा में स्थित है अपने उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। एक सौ छात्रओं की संख्या वाले इस स्कूल में प्रतिदिन छात्रओं को मेन्यू के अनुसार भोजन व नाश्ता मिलता है। वहीं विद्यालय की सफाई व्यवस्था और रंगाई-पोताई भी मुकम्मल है। एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा गोद लिये गए इस विद्यालय में छात्रओं की उपस्थिति और अधिगम स्तर भी अन्य कस्तूरबा विद्यालयों की अपेक्षा बेहतर है। 1 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नंदना नगवां, घोरावल व चतरा की के बाद चौथे दिन जागरण टीम उरमौरा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय राबट्र्सगंज में पहुंची। शासकीय तंत्र से संचालित होने वाला यह विद्यालय जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान के पीछे है। यहां बाउंड्री तो नहीं है लेकिन फिर भी यहां की छात्रएं काफी सुरक्षित मानी जाती हैं क्योंकि यहां से बाहर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। जो भी जायेगा डायट से होकर ही जायेगा। के दौरान पता चला कि यहां 100 छात्रओं का नामांकन है। जिसमें से 80 छात्रएं उपस्थित रहीं। 20 छात्रओं के बारे में बताया गया कि वे छुट्टी में घर गई हैं। यहां की साफ-सफाई व्यवस्था काफी अच्छी दिखी। छात्रओं को पढ़ने के लिए टेबल-कुर्सी, रहने के लिए तीन कमरे, सभी के लिए रजाई, सोने के लिए चौकी आदि की व्यवस्थाएं मुकम्मल दिखीं। छात्रओं ने पूछने पर बताया कि मेन्यू के अनुसार ही भोजन मिलता है। यहां की वार्डेन ने बताया कि पानी की समस्या थी जो गतवर्ष ही हल हो गई। 1बाउंड्रीवाल के लिए मिला है आश्वासन : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय उरमौरा में बाउंड्रीवाल नहीं है। इसके निर्माण के लिए अधिकारियों से बात हुई है। इसके साथ ही एनटीपीसी सिंगरौली ने भी आश्वासन दिया है कि जल्द ही यहां बाउंड्रीवाल बनेगा और शुद्ध पानी के लिए आओ सिस्टम लगाया जायेगा। 1तीन शिक्षकों की जरूरत: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय उरमौरा में वर्तमान समय में दो फूल टाइम टीचर हैं। जबकि पद चार शिक्षकों का है। यानि दो की जरूरत है। इसी तरह पार्ट टाइम टीचरों में भी एक पद रिक्त है। इनके तीन पद सृजित हैं। लेखाकार के पद पर किसी की तैनाती नहीं है। इनकी जरूरत है। बाकी विद्यालय में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध है।

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