बभनी, सोनभद्र : शिक्षिकाओं को नहीं मिले मानदेय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बभनी में हर व्यवस्था मुकम्मल फिर भी बेतन का संकट

जागरण संवाददाता, बभनी (सोनभद्र) : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बभनी का संचालन दरखाड़ गांव में होता है। स्कूल में स्वच्छता और हरियाली पर खास फोकस है। यहां की छात्रएं और शिक्षिकाएं मिलकर खाली समय में साक-सब्जी भी उगा लेती हैं। इससे उन्हें ताजी-ताजी सब्जियां खाने को मिलती हैं। यहां की समस्याओं में बस शिक्षिकाओं का मानदेय और सफाई कर्मी की तैनाती न होना है। दैनिक जागरण की टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बभनी की पड़ताल किया तो पता चला कि यहां कुल सौ छात्रओं का पंजीकरण है। जिसमें से 88 विद्यालय कैंपस में मौजूद मिलीं। छात्रओं ने बताया कि मेन्यू के अनुसार भोजन मिलता है। कभी-कभार जब छात्रओं का मन होता है, बिना मेन्यू का खाना खाने के लिए तो उनके मन से बनाया जाता है। विद्यालय की पड़ताल के दौरान पता चला कि यहां छात्रओं और शिक्षिकाओं की मेहनत से मौसमी सब्जियां भी उगती हैं, जिनका सेवन ये सभी छात्रएं ही करती हैं। शिक्षिकाओं ने बताया कि एनजीओ से संचालित इस विद्यालय में अप्रैल से मानदेय नहीं मिला है। साथ ही सफाई कर्मी की तैनाती नहीं है।

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