बदलाव : तो सांसद लेंगे स्कूलों को गोद सांसद आदर्श ग्राम योजना की तर्ज पर स्कूलों की दशा सुधारने का होगा काम

अरविंद पांडेय, नई दिल्ली1सांसद आदर्श ग्राम योजना की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति को भी सुधारने में माननीयों की मदद ली जाएगी। जो अपनी सांसद निधि से अपने क्षेत्र के किसी भी सरकारी स्कूल के मूलभूत ढांचे को सुधारने में मदद देंगे। केंद्र सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। फिलहाल मानव संसाधन मंत्रलय के साथ सांख्यिकी एवं योजना क्रियान्वयन मंत्रलय को इसका खाका तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में यह पूरी योजना लांच कर दी जाएगी। 1केंद्र सरकार के स्तर पर यह तैयारी तब शुरू की गई है, जब देश भर में सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति तो और भी ज्यादा खराब है। तमाम ऐसे सरकारी स्कूल है, जहां न तो भवन है, और न ही पेजयल व शौचालय जैसी भूलभूत सुविधाएं। मानव संसाधन मंत्रलय के पास स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर हर साल ऐसी ढेरों शिकायतें आती है। इनमें काफी शिकायतें तो खुद सांसदों की रहती है, जो अपने क्षेत्र के स्कूलों की खराब स्थिति को सुधारने से जुड़ी होती है। ऐसे में मंत्रलय स्तर पर यह सहमति बनी है, कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को सुधारने में सांसदों की भी मदद ली जाए। फिलहाल इसका पूरा खाका बनाया जा रहा है। इसके तहत जल्द ही सांसदों से चर्चा व सहमति भी ली जाएगी। जिसके बाद ही इसे लागू किया जाएगा। 1बता दें कि केंद्र सरकार के स्तर पर अभी फिलहाल गांवों के विकास को लेकर सासंदों से जुड़ी सासंद आदर्श ग्राम योजना शुरू की गई है। इसके तहत सांसद अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेता है। जहां वह अपनी सासंद निधि से मूलभूत सुविधाओ को जुटाने में मदद दे रहे है।सांसद निधि से स्कूलों को इंटरनेट से लैस करने में मदद 1सांख्यिकी एवं योजना क्रियान्वयन मंत्रलय के मुताबिक सासंदों को मिलने वाली सांसद क्षेत्रीय विकास निधि से अभी फिलहाल सरकारी स्कूलों को इंटरनेंट से लैस करने में मदद दी जा रही है। इससे पहले सांसदों की मदद से सरकारी स्कूलों में शौचालय का निर्माण भी कराया गया था। अब किसी एक स्कूल की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी।

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