मानव संसाधन विकास मंत्री का संसद में ब्यान: फेल न करने की नीति से केवल मिड डे मील स्कूलों में बदले विद्यालय, अब लर्निंग आउटकम कार्यक्रम से कक्षा 5 या 8 में ही रहेंगे पढ़ाई का न्यूनतम स्तर प्राप्त न करने वाले बच्चे

नई दिल्ली, प्रेट्र : मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के अमल में आने से देशभर के कई स्कूल मिड-डे मील स्कूल में तब्दील हो गए थे। फेल नहीं करने की नीति से छात्र स्कूल आते हैं, दोपहर का भोजन करते हैं और चले जाते हैं। इसे देखते हुए सभी कक्षाओं के लिए लर्निग आउटकम (अध्ययन नतीजा) कार्यक्रम लाया गया है।

जावड़ेकर ने शून्यकाल के दौरान राज्यसभा में कहा कि सरकार ऐसे विधेयक के मसौदे पर काम कर रही है जिसमें पढ़ाई-लिखाई का न्यूनतम स्तर हासिल नहीं करने वाले छात्रों को फेल करने और कक्षा पांच व आठ में ही रखने का प्रावधान होगा। शिक्षा की गुणवत्ता पर पूछे गए सवाल के जवाब में जावड़ेकर ने कहा कि 47 नए केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो गई है। 50 अन्य स्कूलों को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 62 जवाहर नवोदय विद्यालय जल्द ही अस्तित्व में आएंगे।