सोनभद्र : ड्राप आउट बच्चों को दाखिला दिलाना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : सूबे के सबसे ज्यादा आदिवासी, वनवासी जातियों वाले जनपद सोनभद्र में शिक्षा की हकीकत बयां करने वाली यह तस्वीर कोई एक या दो स्थानों पर ही नहीं बल्कि कई ब्लाकों के सैकड़ों गांवों में देखी जा सकती है। जागरूकता का अभाव कहें या फिर नीति नियंताओं का फेल होता सिस्टम। जिले में ड्राप आउट बच्चों यानी बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ने वाले और स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या जिले में कुछ ज्यादा ही है।1 हालांकि विभागीय आकड़ों में वर्तमान समय में एक भी बच्च ड्राप आउट नहीं है। ऐसी स्थिति में कहा जा सकता है कि दो अप्रैल से शुरू हो रहे नये शैक्षिक सत्र में ड्राप आउट बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाना और उन्हें लगातार स्कूल भेजना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों की मानें तो जिले में बीते साल 382 बच्चे ड्रापआउट थे, उनका नामांकन करा दिया गया। इस साल अभी आगे सर्वे कराया जाएगा।


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