सोनभद्र : पोषण की बजाय सर्वे सत्यापन कर रहीं आंगनबाड़ी

सोनभद्र : शिशुओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बावजूद आंगनबाड़ी से दूसरे विभाग के सर्वे-सत्यापन का कार्य लिया जाता है। इससे आंगनबाड़ी का कुपोषण से बचाने का जरूरी कार्य प्रभावित होता है। इसे ध्यान रखते हुए प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण के कार्य के अलावा अन्यत्र किसी भी कार्य में न लगाया जाए। इतना ही नहीं विभाग के वाहन भी दूसरी जगह न लगाए जाएं। बावजूद इसके जिले में कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सर्वे-सत्यापन कार्य में लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सर्वे-सत्यापन व अन्य कार्यो में लगाने से पोषण से संबंधित कार्य काफी प्रभावित होते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मानें तो एक तो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और ऊपर से अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से पोषाहार वितरण, केंद्र की देखरेख और रजिस्टर आदि को पूरा करना टेढ़ी खीर के बराबर होता है। आंगनबाड़ी कर्यकर्ता संघ से जुड़े पदाधिकारियों की मानें तो कभी बीएलओ की ड्यूटी तो कभी सर्वे-सत्यापन आदि के कार्य कराये जाते हैं। इन दिनों शहरी क्षेत्र की आंगनबाड़ी से समाजवादी पेंशन के सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। संघ की जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने बताया कि समय-समय पर अलग-अलग कार्य लिए जाते हैं। केंद्र का संचालन करना, पोषाहार वितरण करना और उसी में जब अतिरिक्त कार्य मिलता है तो दिक्कत होती है। 1सोनभद्र : शिशुओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बावजूद आंगनबाड़ी से दूसरे विभाग के सर्वे-सत्यापन का कार्य लिया जाता है। इससे आंगनबाड़ी का कुपोषण से बचाने का जरूरी कार्य प्रभावित होता है। इसे ध्यान रखते हुए प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण के कार्य के अलावा अन्यत्र किसी भी कार्य में न लगाया जाए। इतना ही नहीं विभाग के वाहन भी दूसरी जगह न लगाए जाएं। बावजूद इसके जिले में कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सर्वे-सत्यापन कार्य में लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सर्वे-सत्यापन व अन्य कार्यो में लगाने से पोषण से संबंधित कार्य काफी प्रभावित होते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मानें तो एक तो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और ऊपर से अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से पोषाहार वितरण, केंद्र की देखरेख और रजिस्टर आदि को पूरा करना टेढ़ी खीर के बराबर होता है। आंगनबाड़ी कर्यकर्ता संघ से जुड़े पदाधिकारियों की मानें तो कभी बीएलओ की ड्यूटी तो कभी सर्वे-सत्यापन आदि के कार्य कराये जाते हैं। इन दिनों शहरी क्षेत्र की आंगनबाड़ी से समाजवादी पेंशन के सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। संघ की जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने बताया कि समय-समय पर अलग-अलग कार्य लिए जाते हैं। केंद्र का संचालन करना, पोषाहार वितरण करना और उसी में जब अतिरिक्त कार्य मिलता है तो दिक्कत होती है।

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