शिक्षामित्रों ने कैबिनेट के प्रस्ताव की प्रति को जलाया
जासं, सोनभद्र : पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन हुई कैबिनेट की मीटिंग में शिक्षामित्रों को दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का प्रस्ताव पास किया गया है। यह हम शिक्षामित्रों को मंजूर नहीं है। यह कहना है शिक्षक, शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा का। बुधवार को राबट्र्सगंज के बढ़ौली चौराहे पर इकठ्ठा हुए शिक्षामित्रों ने कैबिनेट में पास हुए प्रस्ताव की प्रति जलायी और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 1 शिक्षामित्रों ने कहा कि प्रस्तुत किये गये प्रत्यावेदन और कई चक्र में मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव के साथ हुई वार्ता के बाद दिये गये आश्वासन के विपरीत प्रदेश सरकार द्वारा जबरदस्ती दस हजार रुपये मानदेय के प्रस्ताव पर कैबिनेट द्वारा पास कर दिया गया। यह ठीक नहीं है। जिला संयोजक वकील अहमद खां व शशिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि कोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद से चलने वाले शिक्षामित्रों के सत्याग्रह आंदोलन से प्रदेश सरकार ने लगातार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वार्ता का क्रम जारी रखा। हमेशा सकारात्मक आश्वासन दिया कि सरकार आपके मान, सम्मान का पूरा ख्याल रखेगी। आपके मांगपत्र के अनुसार संतोषजनक रास्ता निकालेगी, लेकिन पांच सितंबर शिक्षक दिवस ही दस हजार रुपये प्रति माह मानदेय वह भी 11 माह का देने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। इस दौरान अजीत कुमार, सिंह, विनोद कुमार ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अर¨वद सिंह, महिमा मिश्र, नरेंद्र दुबे, बाल किशुन, अशोक पांडेय, मनोज कुमार, मीरा सिंह, राधेश्याम, रामविलास, प्रेम बहादुर यादव, अर¨वद पाठक, पुंडरिक पांडेय आदि मौजूद थे।
सोनभद्र : पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन हुई कैबिनेट की मीटिंग में शिक्षामित्रों को दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का प्रस्ताव पास किया गया है। यह हम शिक्षामित्रों को मंजूर नहीं है। यह कहना है शिक्षक, शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा का। बुधवार को राबट्र्सगंज के बढ़ौली चौराहे पर इकठ्ठा हुए शिक्षामित्रों ने कैबिनेट में पास हुए प्रस्ताव की प्रति जलायी और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 1 शिक्षामित्रों ने कहा कि प्रस्तुत किये गये प्रत्यावेदन और कई चक्र में मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव के साथ हुई वार्ता के बाद दिये गये आश्वासन के विपरीत प्रदेश सरकार द्वारा जबरदस्ती दस हजार रुपये मानदेय के प्रस्ताव पर कैबिनेट द्वारा पास कर दिया गया। यह ठीक नहीं है। जिला संयोजक वकील अहमद खां व शशिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि कोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद से चलने वाले शिक्षामित्रों के सत्याग्रह आंदोलन से प्रदेश सरकार ने लगातार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वार्ता का क्रम जारी रखा। हमेशा सकारात्मक आश्वासन दिया कि सरकार आपके मान, सम्मान का पूरा ख्याल रखेगी। आपके मांगपत्र के अनुसार संतोषजनक रास्ता निकालेगी, लेकिन पांच सितंबर शिक्षक दिवस ही दस हजार रुपये प्रति माह मानदेय वह भी 11 माह का देने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। इस दौरान अजीत कुमार, सिंह, विनोद कुमार ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अर¨वद सिंह, महिमा मिश्र, नरेंद्र दुबे, बाल किशुन, अशोक पांडेय, मनोज कुमार, मीरा सिंह, राधेश्याम, रामविलास, प्रेम बहादुर यादव, अर¨वद पाठक, पुंडरिक पांडेय आदि मौजूद थे।
No comments:
Post a Comment