सोनभद्र : नए सिरे से होगी शिक्षक भर्ती की जांच किन-किन मामलों की हो सकती है जांच पदोन्नति व समायोजन में हुई धांधली की भी करायी जाएगी जांच

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : शिक्षा विभाग में चल रहे लंबे खेल का काम तमाम करने के लिए अब जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अब पुन: नए सिरे से मामले की जांच कराए जाने की जतायी जा रही है। अगर नए सिरे से पुन: जांच हुई तो कई पर गाज गिर सकती है। हालांकि यह जांच कब तक होगी, कौन करेगा, कब से कब तक होगी यह अभी तक भविष्य के गर्भ में है। 1सूत्रों की मानें तो जिले में शिक्षकों की भर्ती, शिक्षामित्रों के समायोजन और प्राथमिक विद्यालयों से उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए होने वाली पदोन्नति में बड़े पैमाने पर धांधली की गई। इस धांधली में कई बार मामला पकड़ में भी आ चुका है। ऐसे में यहां की भर्तियों पर सवाल उठने लगा है। गत दिनों 16448 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में जिले से आठ शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी तरीके से कर दी गई। इस मामले को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने शिकायत की तो शुरू हो गई इसकी जांच। जांच में पता चला कि बीएसए व बाबू ने पूरी भर्ती प्रक्रिया में खेल किया है। ऐसे में शासन स्तर से जांच रिपोर्ट के आधार पर यहां के तत्कालीन बीएसए मनभरन राम राजभर और उसके बाद आए बीएसए अमरनाथ सिंह को निलंबित कर दिया। लेकिन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक जिसे जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में दोषी माना था वह अभी भी कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं। इसके पूर्व भी कुछ शिक्षकों की नियुक्ति गलत तरीके से हुई थी। जिस पर कार्रवाई हुई थी। एक अन्य मामले में पूर्व बीएसए मनभन राम राजभर पर मुकदमा दर्ज किया था। 1इन सभी मामलों के सामने आने के बाद भी शिक्षा विभाग में धांधली की शिकायत दूर नहीं हुई। ऐसे में प्रशासन ने हर मामले की जांच नए सिरे से कराने का निर्णय लिया है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।


सोनभद्र : शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो जांच जांच होनी है उसमें पहला मामला पदोन्नति का है। पदोन्नति के मामले में बीएसए ने बिना चयन समिति के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों के अनुमति के ही पदोन्नति कर दिया था। हालांकि बाद में अध्यक्ष यानि डॉयट प्राचार्य से पत्रवली अवलोकन करने की बात कहकर मामला हल करा दिया था। हालांकि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब एक बार फिर से जांच हो सकती है। इसी तरह शिक्षक भर्ती के विभिन्न मामलों व वेतन निर्धारण की जांच करायी जा सकती है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं डीआइओएस प्रभुराम चौहान ने बताया कि भर्ती और समायोजन आदि मामलों के जांच कराने की बात चल रही है। जल्द ही मामले की नए सिरे से जांच होगी।